रसिक दुलारी की PM रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, ऊंचाई से गिरने के बाद सिर समेत कई हिस्सों में गंभीर चोटें

Editor
3 Min Read

जबलपुर
संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत के सात दिन बाद वृंदावन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।25 सितंबर को संत प्रेमानंद के वृंदावन स्थित श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के पास बने गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में ही रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी।

गंभीर चोटें मौत का कारण
कूदने के पहले उन्होंने टाइल्स काटने वाली ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया था। करीब 40 मिनट चले पोस्टमार्टम में मौत का प्रमुख कारण ऊंचाई से गिरने के बाद हुई गंभीर चोटें सामने आई हैं।

रिपोर्ट में सिर में फ्रैक्चर और रक्त का थक्का जमने के साथ छाती की चार पसलियां टूटकर फेफड़े में धंसने की बात सामने आई है।

सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि चिकित्सकों ने रक्तस्राव रोकने के लिए उपचार किया था।

परसवाड़ा में मातम, परिवार को अब भी कई सवाल
संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी गौर के पास परसवाड़ा से हैं, जहां दीपक का बचपन बीता। आईटीबीपी मार्ग पर अंदर बसा परसवाड़ा इन दिनों उनके परिवार के दुख का साक्षी बना हुआ है।

दीपक के नाना प्रेमलाल पटेल के घर के बाहर सन्नाटा पसरा है। यहीं दीपक का परिवार रहता है। उनकी मां लोंग बाई बेटे की बचपन की तस्वीर सीने से लगाकर बैठी हैं।

परिवार की निष्पक्ष जांच की मांग
पिता चेतराम लोधी भी बेटे की मौत को लेकर सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि वे किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे, लेकिन घटना की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उनका सवाल है कि आखिर उस दिन ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद दीपक ने यह कदम उठाया।

दीपक और उसका परिवार मूल रूप से बरगी डूब क्षेत्र के कठौतिया गांव का रहने वाला था। पिता के काम की तलाश में जबलपुर आने के बाद परिवार परसवाड़ा में नाना के घर रहने लगा। दीपक ने कठौतिया में आठवीं तक पढ़ाई की, बाद में गौर से स्कूली शिक्षा और बरेला से कॉलेज की पढ़ाई की। वर्ष 2023 में वह पहली बार वृंदावन गया।

 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live