दिल्ली में संपत्ति रजिस्ट्री सिस्टम में बड़ा बदलाव, AI आधारित व्यवस्था की तैयारी

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नई दिल्ली

 मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। AI आधारित इस नई व्यवस्था से संपत्ति को लेकर बढ़ता विवाद खत्म होगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी, विवादित संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगने के साथ साथ संपत्ति रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था पेपरलेस होगी। सीएम इन बदलावों को लेकर निजी कंपनियों के साथ बैठक भी कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हम सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक पासपोर्ट सेंटर की तरह विकसित करना चाहते हैं। सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के वर्क कल्चर को बदलना चाहते हैं, जिससे भ्रष्टाचार, अनावश्यक देरी, लंबा इंतजार कम हो और पूरी व्यवस्था तकनीक पर आधारित हो। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ जवाबदेही भी तय होगी

AI से होगी मालिकाना हक की जांच
सीएम ने बताया कि वह जिस प्रीमियम मॉडल का सब-रजिस्ट्रार ऑफिस चाहती हैं, वह डिजिटल और AI आधारित होगा। यानी आवेदन करने से लेकर प्रॉपर्टी के मालिकाना हक तक की जांच एआई आधारित व्यवस्था से होगी। आवेदकों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में सिर्फ बायोमीट्रिक व फोटो खिंचवाने के लिए आना होगा। अभी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए दोनों पार्टी आपस में एग्रीमेंट करते हैं। इसके बाद नोटरी से दस्तावेज तैयार करवाए जाते हैं, फिर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में समय लेकर आगे काम होता है।

वेबसाइट पर भरी जाएगी फॉर्म की जानकारी
नई व्यवस्था में दोनों पार्टियों के बीच होने वाले एग्रीमेंट की जानकारी वेबसाइट पर मौजूद फॉर्म में भरी जाएगी। अगर कोई विवादित संपत्ति है, या बुक्ड प्रॉपर्टी है तो AI उसके रिकॉर्ड से खुद मैच कर लेगी और उसपर रेड फ्लैग लगाएगी। इससे विवादित संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी। अगर संपत्ति में कोई समस्या नहीं है तो दोनों पक्ष सब-रजिस्ट्रार में जाएंगे। इसके बाद संपत्ति की रजिस्ट्री पर डिजिटल साइन होकर वह सीधे आवेदक के डिजी लॉकर में भी चला जाएगा।

नए कॉन्सेप्ट के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में एसी वेटिंग रूम, डिजिटल हेल्प डेस्क, प्रशिक्षित स्टाफ, स्मार्ट टोकन सिस्टम और रीयल टाइम ऐप्लीकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं होंगी।

ये होगा फायदा
    विवादित प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त नहीं हो पाएगी।
    मालिकाना हक की जांच ऑनलाइन की जाएगी।
    रजिस्ट्री के बाद सब-रजिस्ट्रार दस्तावेज को नहीं रोक सकेंगे।
    रजिस्ट्री में होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।

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