बिहार में उद्योगों की बड़ी सौगात, मुजफ्फरपुर-किशनगंज में लगेंगी सीमेंट फैक्ट्रियां

Editor
3 Min Read

मुजफ्फरपुर

बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने निवेश और रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है।

मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों तथा हाजीपुर में राष्ट्रीय स्तर के फूड टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है।

इन परियोजनाओं से खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में की पूजा-अर्चना
वट-सावित्री पूजा की शुभकामनाएं देने के बाद राजधानी के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना कर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को मिलने जा रही इन सौगातों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालम‍िया और अंबूजा की बड़ी सीमेंट इकाइयों को स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के शुरू होने से सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं परिवहन, निर्माण और छोटे कारोबारों को भी गति मिलेगी।

हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा निफ्टेम
इसी क्रम में वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।

करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे बिहार के कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है।

सरकार का दावा है कि यह संस्थान किसानों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

खासकर फल-सब्जी, मक्का, मखाना और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

राज्य सरकार इसे विकसित बिहार और समृद्ध बिहार के विजन से जोड़कर देख रही है। उद्योग और शिक्षा के इन बड़े निवेशों को आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live