भारत का बड़ा रक्षा फैसला, निजी कंपनियां बनाएंगी अत्याधुनिक मिसाइलें

Editor
3 Min Read
भारत का बड़ा रक्षा फैसला, निजी कंपनियां बनाएंगी अत्याधुनिक मिसाइलें
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

नई दिल्ली
भारत अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही निजी भारतीय कंपनियों को मिसाइलों के निर्माण और विकास में भागीदारी की परमिशन दे सकती है। अब तक यह क्षेत्र मुख्य रूप से सरकारी रक्षा संस्थानों तक सीमित था।

सरकार द्वारा यह फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है, जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी मिसाइलों की ताकत पूरी दुनिया ने देखी। साथ ही भारत में विकसित मिसाइलों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर इंडोनेशिया ने DRDO द्वारा विकसित अस्त्र मिसाइल में रुचि दिखाई है।

अस्त्र मार्क-2 के निर्माण के लिए आएगा प्रस्ताव
रक्षा मंत्रालय जल्द ही अस्त्र मार्क-2 बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल के निर्माण के लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित कर सकता है। इस प्रक्रिया में देश की कई बड़ी निजी कंपनियों के भाग लेने की संभावना है।

अस्त्र मार्क-2 मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। इसकी मारक क्षमता लगभग 180 से 200 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह मिसाइल भारतीय वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों, जैसे तेजस मार्क-1ए, मिग-29, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल मरीन में उपयोग में लाए जाने की योजना है।

बढ़ती मांग के चलते लिया गया फैसला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों और मित्र देशों से मिसाइलों की मांग तेजी से बढ़ रही है। मौजूदा उत्पादन क्षमता इस बढ़ती आवश्यकता को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही है। ऐसे में निजी क्षेत्र की भागीदारी से उत्पादन में तेजी लाने और निर्यात क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रलय मिसाइल भी निजी क्षेत्र के लिए खुल सकती है
अस्त्र के बाद सरकार प्रलय सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल के विकास और निर्माण में भी निजी कंपनियों की भागीदारी पर विचार कर रही है। प्रलय मिसाइल की मारक क्षमता करीब 500 किलोमीटर है और यह ध्वनि की गति से कई गुना अधिक रफ्तार से लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम मानी जाती है। यह भारत की उभरती रॉकेट और मिसाइल क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा फोकस
हाल के सैन्य अभियानों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बाद भारत ने लंबी दूरी की मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों को और मजबूत करने पर जोर बढ़ाया है। सरकार का लक्ष्य देश की आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह की मिसाइल क्षमताओं को तेजी से सशक्त बनाना है।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *