राजस्थान में कर चोरी पर बड़ा एक्शन, 2.83 करोड़ की कर देयता चिन्हित

Editor
7 Min Read

जयपुर
 वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर चोरी एवं अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 14 से 19 अगस्त 2026 के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में सर्वे एवं तलाशी की कार्रवाई की गई। खैरथल, अलवर, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, सांगड़िया, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, नीमराना/कोटपूतली-बहरोड़ तथा भिवाड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर की गई इन कार्रवाइयों में खाद्य तेल, विनिर्माण, परिवहन, होटल एवं आतिथ्य, प्रिंटिंग तथा औद्योगिक सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में कर अनियमितताएं सामने आईं।

इन मामलों में कुल मिलाकर लगभग 2.83 करोड़ रुपए की प्रारंभिक कर देयता/राजस्व प्रभाव चिन्हित हुआ है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा लगभग 2.06 करोड़ रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा अथवा रिवर्स की गई है। इनमें नियमानुसार कर, ब्याज एवं दंड से संबंधित भुगतान भी शामिल हैं।

फर्जी एवं गैर-मौजूद फर्मों से आईटीसी लेने के मामले सामने आए –
खैरथल स्थित रामचंद्र राम निवास ऑयल मिल्स, जो सरसों एवं सरसों तेल के कारोबार से जुड़ी है, के मामले में लगभग 20 लाख रुपए की आईटीसी ऐसी फर्म से प्राप्त करने का मामला सामने आया जो अस्तित्व में नहीं पाई गई। कार्रवाई के दौरान फर्म द्वारा लगभग 19.05 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई। भौतिक स्टॉक सत्यापन में भी अंतर पाया गया और मामले की आगे जांच जारी है।

इसी प्रकार अलवर के एग्रो फूड पार्क, मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित आर.आर. ऑयल एंड फैट्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में लगभग  15 लाख रुपए की आईटीसी ऐसी गैर-मौजूद फर्म से प्राप्त करने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 14.85 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में भी अंतर पाया गया।

अपात्र आईटीसी के विरुद्ध कार्रवाई
चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ इन्फ्रा डेवलपर्स एलएलपी, जो होटल व्यवसाय से जुड़ी है, के मामले में लगभग 32 लाख रुपए की अपात्र आईटीसी का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 31.90 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से रिवर्स की।

नीमराना के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित कमल सीईडी सॉल्यूशंस एलएलपी के मामले में निर्माण एवं वर्क कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित खर्चों पर अपात्र आईटीसी लिए जाने का मामला सामने आया। इसमें लगभग 20.51 लाख रुपए की राशि शामिल थी, जिसे करदाता द्वारा कार्रवाई के दौरान स्वेच्छा से जमा किया गया। मामले की आगे जांच जारी है।

भिवाड़ी स्थित विरगो ग्राफिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में भी अपात्र आईटीसी से संबंधित अनियमितता सामने आई। प्रारंभिक रूप से लगभग 50 लाख रुपए की आईटीसी की जांच की गई, जबकि कार्रवाई के दौरान करदाता द्वारा कुल लगभग 74.15 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई। मामले में आगे की जांच जारी है।

स्टॉक और उत्पादन में अंतर से कर चोरी के संकेत
श्रीगंगानगर स्थित श्री टायल इंडस्ट्रीज, जो सीमेंट टाइल्स के निर्माण से जुड़ी है, में भौतिक स्टॉक एवं खरीद अभिलेखों की जांच के दौरान खरीदे गए सीमेंट की मात्रा और उससे तैयार होने वाली टाइल्स के घोषित उत्पादन में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में उत्पादन कम दिखाकर बिक्री एवं कर देयता कम दर्शाए जाने की आशंका सामने आई। मामले में लगभग 22 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित हुई और करदाता द्वारा 15 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई।

धौलपुर में यादव इलेक्ट्रिकल्स के मामले में विभिन्न वित्तीय वर्षों में दावा की गई आईटीसी में लगभग 82.79 लाख रुपए का अंतर पाया गया। प्रारंभिक रूप से लगभग 19.73 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित हुई है। फर्म अपने घोषित व्यावसायिक परिसर पर संचालित पाई गई और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सांगड़िया, हनुमानगढ़ स्थित वीर चंद एंड संस, जो फावड़े एवं अन्य कृषि उपकरणों के कारोबार से जुड़ी है, के मामले में 100 प्रतिशत आईटीसी के दावे से संबंधित अनियमितता सामने आई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने लगभग 10.08 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की।

परिवहन क्षेत्र में भी कार्रवाई
सवाई माधोपुर में अंबिका बल्क कैरियर के मामले में लगभग 78.59 लाख रुपए की आईटीसी की पुष्टि एवं पात्रता की जांच का मामला सामने आया। प्रारंभिक रूप से लगभग 78.58 लाख रुपए का संभावित कर प्रभाव चिन्हित किया गया। कार्रवाई के दौरान करदाता द्वारा 10 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा की गई। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी
हाल की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि विभाग का प्रवर्तन अभियान किसी एक वस्तु या व्यापारिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। खाद्य तेल, विनिर्माण, परिवहन, होटल एवं आतिथ्य, प्रिंटिंग, औद्योगिक सेवाओं तथा अन्य व्यापारिक क्षेत्रों में कर अनियमितताओं की जांच की जा रही है। जहां आवश्यक पाया जा रहा है, वहां लेखा अभिलेखों, खरीद-बिक्री विवरण, स्टॉक एवं आईटीसी दावों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है।

वाणिज्यिक कर विभाग ने कहा है कि कर चोरी एवं अपात्र आईटीसी के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही, कार्रवाई के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं को स्वेच्छा से दूर करने और नियमानुसार कर, ब्याज एवं दंड जमा करने वाले करदाताओं को कानून के अनुसार आवश्यक अवसर दिया जा रहा है।

विभाग ने ईमानदार एवं नियमित करदाताओं से अपील की है कि वे अपने अभिलेख व्यवस्थित रखें, अपने आपूर्तिकर्ताओं की वैधता की जांच करें तथा केवल वही इनपुट टैक्स क्रेडिट लें जो कानून के तहत पात्र है। विभाग का उद्देश्य राजस्व की सुरक्षा के साथ-साथ ईमानदारी से कारोबार करने वाले करदाताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live