हरियाणा BJP में बड़ा बदलाव, अर्चना गुप्ता को मिली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी

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चंडीगढ़.

लंबे समय से चल रही अटकलों को विराम देते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया है। निवर्तमान अध्यक्ष मोहन लाल बडौली के स्थान पर डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अर्चना गुप्ता अभी तक मोहन लाल बडौली की टीम में प्रदेश महामंत्री के रूप में काम कर रही थी।

हरियाणा भाजपा के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सबसे पहले डॉ. कमला वर्मा को 1980 से 1983 के बीच भाजपा का पहला प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और वे पहली महिला भी थीं। डॉ. अर्चना गुप्ता को दी गई जिम्मेदारी को भाजपा द्वारा महिला नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. अर्चना गुप्ता मूल रूप से पानीपत की रहने वाली हैं और व्यवसाय से रेडियोलाजिस्ट हैं। नौ जुलाई 2024 को जब राई के पूर्व विधायक मोहन लाल बडौली को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब उनकी टीम में शामिल तीन महामंत्रियों कृष्ण कुमार बेदी और सुरेंद्र पुनिया के साथ डॉ. अर्चना गुप्ता को भी यह दायित्व सौंपा गया था। तब से उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत की।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अर्चना गुप्ता को उनके संगठन के प्रति समर्पण का पुरस्कार दिया है। डॉ. अर्चना गुप्ता की प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति कई बड़े दावेदार नेताओं और धुरंधरों को पछाड़कर की गई है। महिलाओं में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य डॉ. सुधा यादव, सिरसा की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी के नाम चल रहे थे। पुरुषों में पलवल के पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, सांसद संजय भाटिया और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को पीछे छोड़कर अर्चना गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति पाने में कामयाब हो गई हैं।

डॉ. अर्चना गुप्ता को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के आशीर्वाद से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उनकी नियुक्ति के बाद अब प्रदेश कमेटी में नए सिरे से बदलाव होगा। भाजपा ने अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जहां संगठन में महिलाओं को महत्व देने की अपनी नीति को उजागर किया है, वहीं वैश्यों का भरोसा जीतने में कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मंत्रिमंडल में एक ही वैश्य मंत्री विपुल गोयल हैं। भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष का न्यूनतम कार्यकाल करीब तीन साल का होता है। ऐसे में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली को करीब दो साल के कार्यकाल के बाद ही हटा दिया गया है। हालांकि उनके नेतृत्व में हरियाणा में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब रही है। भाजपा के राष्टीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने डॉ. अर्चना गुप्ता की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं।

हरियाणा के अब तक रहे अध्यक्ष

  • डॉ. कमला वर्मा (1980 से 1983) (हरियाणा भाजपा की पहली अध्यक्ष)
  • सूरज भान (1984 से 1985)
  • डॉ. मंगल सेन (1986 से 1990)
  • प्रो. रामबिलास शर्मा (1990 से 1993 और 2013 से 2014)
  • रमेश जोशी (1994 से 1998)
  • ओपी ग्रोवर (1998 से 2000)
  • रतनलाल कटारिया (2000 से 2003)
  • प्रोफेसर गणेशी लाल (2003 से 2006)
  • आत्मप्रकाश मनचंदा (2006 से 2009)
  • कृष्ण पाल गुर्जर (2009 से 2013)
  • सुभाष बराला (2014 से 2020)
  • ओमप्रकाश धनखड़ (2020 से 2024)
  • मोहन लाल बडौली (2024 से 2026)
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