बिहार की जीविका दीदियों के लिए बड़ा ऐलान, हर जिले में बनेंगे हाट; मिलेगा देश-विदेश का बाजार

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पटना
 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए अब हर जिले में हाट बनाए जाएंगे। राज्य सरकार अपने अनुसार इनका नामकरण कर सकेगी।

यह घोषणा गुरुवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से हर जिले में हाट विकसित करेगी, जहां जीविका दीदियां अपने उत्पाद बेच सकेंगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जीविका व स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए नालंदा, बक्सर, भागलपुर और मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर बड़े हाट विकसित करने का उनसे आग्रह किया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें 30 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को और गति देने के लिए उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना जरूरी है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार में अब तक करीब 50 लाख पक्के मकान दिए जा चुके हैं। अगले दो वर्षों में 11 लाख 11 हजार 927 नए आवास दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक गरीब परिवारों को आवास का लाभ मिले, इसके लिए पात्रता मानकों में भी सुधार किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के सर्वे में छूटे ऐसे परिवार, जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें भी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी गरीब को पक्के मकान के बिना नहीं रहने दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फार्मर आइडी बनाने में बिहार देश में अग्रणी राज्यों में है। अब तक करीब 53 लाख फार्मर आइडी बनाई जा चुकी हैं।

आवास योजना में बिचौलियों की भूमिका खत्म
चौहान ने कहा कि पहले आवास योजना में कई स्तर पर बिचौलियों की भूमिका रहती थी और गरीबों को स्वीकृत राशि पूरी नहीं मिल पाती थी। अब केंद्र सरकार की व्यवस्था में पूरी राशि लाभुक के खाते तक पहुंचती है।

उन्होंने इसे गरीबों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बताया। बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दानापुर सरारी की सुषमा देवी, शोभा देवी, अंजुमा देवी, मनेर की रिंकी देवी और माया देवी को घर की प्रतीकात्मक चाबी दी गई।

वहीं, नौबतपुर के राकेश राम, प्रीति कुमारी, टुन्नी देवी, जानकी देवी और शहजादी को आवास का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने भी संबोधित किया।

मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, आइएएस सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में 3.90 लाख पात्र, कितने आवास मिलेंगे अभी तय नहीं
जिले में हुए सर्वे में 3 लाख 90 हजार पात्र परिवारों को पक्के मकान के लिए चिह्नित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 11 लाख 11 हजार 927 नए आवास बनने हैं, लेकिन इनमें पटना जिले के हिस्से में कितने आवास आएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

डीआरडीए निदेशक अंजन दत्ता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर वर्ष निर्धारित समय पर जियो टैगिंग के माध्यम से पात्र लाभुकों को चिह्नित किया जाता है।

तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाले नए आवेदनों पर सामान्य प्रक्रिया से आवास देना संभव नहीं होता। हालांकि, अत्यंत जरूरतमंद परिवारों के लिए विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सकता है।

 

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