PM मोदी के जन्मदिवस पर 25 लाख दीपों से जगमगाएगा महाकाल महालोक, 22,500 स्वयंसेवक संभालेंगे जिम्मेदारी

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उज्जैन
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को पहली बार महाकाल महालोक लाखों दीपों से जगमगाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन में पुण्यसलिला शिप्रा के प्रमुख घाटों के साथ महाकाल महालोक में करीब 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की गई है।

जीरो वेस्ट होगा आयोजन
आयोजन को पूरी तरह जीरो वेस्ट इवेंट बनाया जा रहा है। दीप प्रज्ज्वलन व्यवस्था को सात सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। इसमें करीब 22,500 स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। घरों और प्रतिष्ठानों में भी दीप जलाने की अपील की गई है, ताकि आयोजन केवल सरकारी स्तर का कार्यक्रम न रहकर पूरे उज्जैन शहर का उत्सव बने।

पीएम नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में बड़ा सेवा अभियान शुरू होने जा रहा है। सीएम मोहन यादव की पहल पर उज्जैन के महाकाल महालोक सहित प्रदेशभर में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

सीएम ने इस आयोजन को प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति प्रदेशवासियों के आभार का प्रकटीकरण बताया है। उनके मुताबिक मोदी ने मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक के सफर में गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया।

महाशिवरात्रि पर प्रज्ज्वलित किए थे 11 लाख दीप
उल्लेखनीय है कि उज्जैन ने महाशिवरात्रि 2022 में 11 लाख 71 हजार 78 दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। बाद में अयोध्या में इससे बड़े दीपोत्सव के आयोजन किए गए, इसलिए इस बार मुकाबला केवल दीपों की संख्या का नहीं है। 25 लाख दीपों का आयोजन उज्जैन के लिए यह बताने का अवसर भी है कि उसकी दीप परंपरा केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता को जोड़ने वाली परंपरा बन सकती है।

सी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित किया जाएगा। सरकार इसे सेवा को राजनीतिक और सामाजिक संस्कार के रूप में आगे बढ़ाने की पहल बता रही है।

गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक 25 साल की यात्रा
सीएम यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी। अब इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के पड़ाव पर मध्यप्रदेश में सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा गया। मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव बताया।

स्टार्टअप से डिजिटल इंडिया तक, युवाओं के लिए नए अवसर का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक इन पहलों ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।

स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया गया। महिला सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया।

CM मोहन यादव ने गिनाईं MP सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के अनुरूप काम कर रही है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं और आने वाले समय में हर साल एक लाख से ज्यादा युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और नए एयरपोर्ट का दावा
मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्यप्रदेश को करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। सरकार ने प्रदेश को एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले देश के तीसरे राज्य के रूप में भी बताया।

रीवा, दतिया और सतना एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या आठ होने की बात कही गई। केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को भी सिंचाई विस्तार के लिए अहम बताया गया।

विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का दावा है कि सुशासन, निवेश, रोजगार, सिंचाई, ऊर्जा और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के विकास के जरिए प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।

 

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