लुधियाना में कबाड़ियों पर पुलिस की सख्ती, खरीदे-बेचे हर सामान का रखना होगा पूरा रिकॉर्ड

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लुधियाना.

महानगर में कबाड़ (स्क्रैप) की आड़ में चोरी का सामान खपाने वाले समाज विरोधी तत्वों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कबाड़ियों के खिलाफ लुधियाना पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

पुलिस प्रशासन के ध्यान में आया है कि कमिश्नरेट लुधियाना के तहत पड़ते विभिन्न इलाकों में धड़ल्ले से कबाड़ की दुकानें चलाई जा रही हैं, लेकिन ज्यादातर दुकानदार खरीदे और बेचे जाने वाले सामान का कोई रिकॉर्ड या रसीद बुक नहीं रखते। इसका फायदा उठाकर शातिर चोर बिजली की तारें, ट्रांसफार्मर और चोरी के दोपहिया, तिपहिया व चौपहिया वाहन कबाड़ियों को बेच देते हैं। इस अवैध धंधे को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

कटर चलाने और आग लगाने पर पाबंदी
आदेश जारी करते हुए एडीशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (IPS) रुपिंदर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लुधियाना कमिश्नरेट के दायरे में आने वाली सभी पुरानी और नई खुलने वाली कबाड़ की दुकानों के लिए कुछ नियम अनिवार्य कर दिए हैं।

मुकम्मल रिकॉर्ड जरूरी: अब से हर कबाड़ दुकानदार को अपनी दुकान पर एक विशेष रजिस्टर लगाना होगा। इसमें सामान बेचने वाले और खरीदने वाले व्यक्ति का पूरा नाम, पता और पहचान पत्र दर्ज करना अनिवार्य होगा।

सामान का ब्योरा: खरीदे या बेचे गए सामान की पूरी किस्म (जैसे बिजली की तारें, ट्रांसफार्मर या गाड़ियां आदि) का मुकम्मल इंद्राज रजिस्टर में होना चाहिए।

अधिकारियों द्वारा चेकिंग: कबाड़ दुकानदारों को यह रजिस्टर हर महीने के पहले हफ्ते में अपने संबंधित जोन के ए.डी.सी.पी. (ADCP) के पास ले जाकर चेक करवाना होगा।

अवैध स्क्रैपिंग पर रोक: बिना पहचान के किसी भी तरह का संदिग्ध या चोरी का सामान खरीदने, वाहनों को अवैध रूप से काटने (स्क्रैप करने) और कबाड़ को आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

प्रदूषण, बिजली बोर्ड और कॉर्पोरेशन की NOC हुई अनिवार्य –
अक्सर देखा जाता है कि कबाड़ की दुकानों पर सामान को पिघलाने या अलग करने के लिए उसे सरेआम आग लगा दी जाती है, जिससे भयंकर वायु प्रदूषण फैलता है। इसके अलावा ये दुकानदार कबाड़ का सामान सड़कों पर रखकर ट्रैफिक में भारी विघ्न डालते हैं और सामान को जलाने या काटने के लिए बिजली की भी भारी चोरी व दुरुपयोग करते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने साफ किया है कि अब हर कबाड़ दुकानदार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board), बिजली बोर्ड, फायर ब्रिगेड और नगर निगम (MC Ludhiana) से अनिवार्य मंजूरियां और एन.ओ.सी. (NOC) हासिल करनी होगी। इसके साथ ही, जो व्यक्ति कबाड़ के रूप में पुरानी गाड़ियां खरीदते हैं, वे उन कंडम गाड़ियों की आर.सी. (RC) को संबंधित आर.टी.ओ. (RTO) दफ्तर में जाकर तुरंत रद्द (कैंसिल) करवाने के जिम्मेदार होंगे।

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