भाजपा-अकाली गठबंधन पर केजरीवाल का निशाना, सोशल मीडिया पोस्ट से पंजाब की राजनीति में मचा बवाल

Editor
4 Min Read
भाजपा-अकाली गठबंधन पर केजरीवाल का निशाना, सोशल मीडिया पोस्ट से पंजाब की राजनीति में मचा बवाल
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

चंडीगढ़.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी व शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक व्यंग्यात्मक ट्वीट में भाजपा को 'ईडी पार्टी' और अकाली दल को 'बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी' बताते हुए दोनों दलों के बीच गठबंधन की अटकलों पर निशाना साधा।

अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी कई दिनों से भाजपा को 'ईडी पार्टी' कहकर संबोधित कर रही है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग के आरोप लगाता रहा है। वहीं, पंजाब की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल को 'बेअदबी पार्टी' और 'चिट्टा पार्टी' (नशा/ड्रग्स) कहकर संबोधित किया गया है। यह तंज अकाली दल के पिछले कार्यकाल के दौरान हुए गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और राज्य में फैले 'चिट्टे' के विवादित मुद्दे को लेकर किया गया है। ट्वीट में केजरीवाल ने क्या कहा- मैंने कल ही कहा था। ईडी पार्टी बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबंधन करने को बेचैन है पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी घास नहीं डाल रही है। सबसे गजब की बात ये है कि ईडी पार्टी चिट्टा पार्टी के साथ गठबंधन करके चिट्टे के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

तंज में ईडी-चिट्‌टा पार्टी कहा
केजरीवाल ने अपने ट्वीट के जरिए कहा कि 'ईडी पार्टी' पंजाब में दोबारा पैर जमाने के लिए 'चिट्टा पार्टी' के साथ गठबंधन करने को लेकर बेहद उतावली और बेचैन है, लेकिन दूसरी तरफ से उसे कोई भाव नहीं मिल रहा। उन्होंने इसे राजनीति का बड़ा विरोधाभास भी बताया। पंजाब में पिछले कुछ समय से भाजपा और अकाली दल के पुराने गठबंधन को फिर से बहाल किए जाने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, अभी तक दोनों दलों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। पंजाब भाजपा अध्यक्ष भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।

राज्य की राजनीति में हलचल शुरू
केजरीवाल के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह ट्वीट पंजाब की जनता को आगाह करने के लिए है कि किस तरह विरोधी दल राजनीतिक लाभ के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार हैं। पार्टी का आरोप है कि जो दल पहले एक-दूसरे की नीतियों का विरोध करते थे, वे अब सत्ता के लालच में एक मंच पर आने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग्स (चिट्टा) और बेअदबी के मुद्दे हमेशा से बेहद संवेदनशील और बड़े चुनावी मुद्दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था और प्रचंड बहुमत हासिल किया था। अब एक बार फिर अरविंद केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया के जरिए इन मुद्दों को नया राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में भाजपा और अकाली दल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *