योगी सरकार में 18 से छह प्रतिशत पर आया किसानों के कर्ज का ब्याज

Editor
4 Min Read

योगी सरकार में 18 से छह प्रतिशत पर आया किसानों के कर्ज का ब्याज
 
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सस्ता दीर्घकालिक ऋण
 
11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत की गई ब्याज दर, पांच लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य
 
10 लाख के ऋण पर सालाना ब्याज में 50 हजार रुपये का अंतर
 
लखनऊ

खेती के लिए ट्रैक्टर लेना हो, कृषि यंत्र खरीदने हों या खेत से जुड़ा कोई दूसरा बड़ा काम करना हो, छोटे और सीमांत किसानों के लिए पूंजी जुटाना अब पहले के मुकाबले सस्ता होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक यानी एलडीबी से मिलने वाले दीर्घकालिक ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत कर दी है। कभी यही कर्ज किसानों को 18 प्रतिशत तक के ब्याज पर मिलता था। बाद में यह दर 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 प्रतिशत तक पहुंची। अब किसान को छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा।
 
ब्याज दर में पांच प्रतिशत अंक की कमी का असर किसान की जेब पर सीधे पड़ेगा। इसे 10 लाख रुपये के ऋण से समझें तो 11 प्रतिशत की दर पर एक वर्ष का साधारण ब्याज 1.10 लाख रुपये बनता है। छह प्रतिशत की दर पर यह 60 हजार रुपये होगा। यानी समान मूलधन पर एक वर्ष में ब्याज का अंतर 50 हजार रुपये है। वास्तविक बचत ऋण की अवधि, किस्त और बकाया मूलधन के आधार पर अलग होगी।
 
पांच लाख किसानों तक पहुंचेगा सस्ता कर्ज
मुख्यमंत्री योगी ने योजना के शुभारंभ पर अगले कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इस ऋण सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी के लिए किसानों को कम ब्याज पर दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में पांच किसानों को ऋण स्वीकृति पत्र देकर इसकी शुरुआत भी कर दी गई।
 
मुख्यमंत्री का कहना है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा और किसान समृद्ध होगा तो भारत भी समृद्ध होगा। इसी सोच के साथ किसानों की पूंजी की जरूरत को कम ब्याज वाले ऋण से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
 
18 से छह प्रतिशत तक ऐसे घटा ब्याज
एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर एक समय 18 प्रतिशत तक थी। इसे पहले घटाकर 14 प्रतिशत किया गया और बाद में करीब 11 प्रतिशत तक लाया गया। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के बाद अब यह छह प्रतिशत रह गई है। यानी 18 प्रतिशत के पुराने स्तर के मुकाबले ब्याज दर एक तिहाई रह गई है।
 
सस्ते दीर्घकालिक कर्ज का सबसे अधिक लाभ उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिन्हें खेती में एकमुश्त बड़े निवेश की जरूरत पड़ती है। कृषि मशीनरी और खेती की दूसरी जरूरतों के लिए कम ब्याज पर पूंजी मिलने से उन पर ब्याज का बोझ घटेगा। मुख्यमंत्री योगी का लक्ष्य इस व्यवस्था के जरिए किसान को खेती में निवेश के लिए सस्ता और संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live