इंदौर से आबू धाबी अब सिर्फ सवा तीन घंटे की दूरी पर, पर्यटन को नए पंख लगाएगी यह हवाई सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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इंदौर से आबू धाबी अब सिर्फ सवा तीन घंटे की दूरी पर, पर्यटन को नए पंख लगाएगी यह हवाई सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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भोपाल

मध्यप्रदेश ने अंतर्राष्ट्रीय विमानन और वैश्विक संस्कृतियों से सम्पर्क में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को प्रदेश की पहली अंतर्राष्ट्रीय डायरेक्ट हवाई सेवा इंदौर-आबू धाबी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इंदौर से मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 से वित्त पोषित इस नियमित उड़ान को झंडी दिखाकर रवाना किया। अभी यह सेवा सप्ताह में 4 दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को) उपलब्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा कि इंदौर से आबू धाबी की यह सीधी उड़ान केवल 2 शहरों को ही नहीं, 2 मित्र देशों, दो समृद्ध संस्कृतियों और अनंत संभावनाओं को जोड़ने वाला एक मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा कि यह हवाई सेवा मध्यप्रदेश के विकास, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेश को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले इंदौर से आबू धाबी जाने में करीब 8 घंटे लगते थे। अब सीधी हवाई सेवा ये दूरी केवल सवा तीन घंटे (3 घंटे 15 मिनट) में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आबू धाबी जाने वाले यात्रियों को बोर्डिंग पास भी दिए। इस रूट का संचालन 'टाटा समूह' और 'एयर इंडिया एक्सप्रेस' द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने विमानन नीति 2025 लागू की है। इसके आधार पर आज इंदौर एयरपोर्ट से प्रदेश की पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान (इंदौर से आबूधाबी) का शुभारंभ हमारे संकल्प की पूर्ति करेगा। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों के बीच हवाई सेवा और पीएम हेली सर्विस की शुरुआत भी की है। इसके अंतर्गत रीवा से इंदौर, रीवा से दिल्ली और रीवा से रायपुर के लिए हवाई सेवा संचालित हो रही है, जो आगे भी जारी रहेंगी। इसी प्रकार निकट भविष्य में जबलपुर से कोलकाता, भोपाल से रीवा, भोपाल से पटना, रीवा से कोलकाता की उड़ानें शुरू करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के अंदर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम हेली सर्विस की शुरुआत की गई है। मध्यप्रदेश, देश का प्रथम राज्य है, जिसने सबसे पहले गरीब-जरूरतमंदों के लिए पीएम एयर एंबुलेंस की सौगात दी है।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय हवाई संपर्क स्थापित हों, इसके लिए राज्य सरकार इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू कर रही है। नई विमानन नीति के अंतर्गत इस अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवा के लिए राज्य सरकार प्रति फ्लाइट लगभग 15 लाख रुपए वाइबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) वहन करेगी। इससे इस रूट के यात्रियों पर हवाई किराये का भार भी घटकर लगभग आधा ही रह जाएगा। इसके साथ ही नीति में नये घरेलू हवाई मार्गों के लिये भी अधिकतम 10 लाख रुपये तक की वाइबिलिटी गेप फंडिंग सहायता का प्रावधान किया गया है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तेजी से एयरपोर्ट और हवाई सेवाओं का विकास हो रहा है। राज्य सरकार ने पिछले ढाई साल में 3 नए एयरपोर्ट्स का शुभारंभ किया है। प्रदेश में 2 नए एयरपोर्ट उज्जैन और शिवपुरी में निर्माणाधीन हैं। आगामी कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश के 10 बड़े शहर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को रफ्तार देंगे। प्रदेश में प्रत्येक 100 किलोमीटर के दायरे में कमर्शियल एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप और प्रत्येक 45 किलोमीटर के दायरे में एक हेलीपैड का निर्माण प्रस्तावित है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्थायी हेलीपैड बनाया जाएगा।

यूएई की प्रशासनिक राजधानी आबू धाबी जुड़ गई प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश निरंतर बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की प्रशासनिक राजधानी आबू धाबी के लिए शुरू हुई यह डायरेक्ट फ्लाइट प्रदेश के उद्योग, व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन तथा प्रवासी भारतीयों के लिए अत्यंत ही लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस नई हवाई सेवा से यात्रियों का समय बचेगा, आवागमन अधिक सहज और सुगम होगा, साथ ही मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी। प्रदेश में निवेश और रोजगार अवसरों का विस्तार और पर्यटन को भी नई उड़ान मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-आबू धाबी की यह नियमित अंतर्राष्ट्रीय सेवा मध्यप्रदेश के साथ-साथ इंदौर की वैश्विक पहचान को और भी सुदृढ़ करेगी। यह हवाई सेवा मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह डायरेक्ट फ्लाइट विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने में सरकार का एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह नई हवाई सेवा मध्यप्रदेश की दिनों-दिन बढ़ती आर्थिक शक्ति, निवेश संभावनाओं और वैश्विक एयरलाइंस के हम पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

इंदौर सांसद  शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देशभर में एयरपोर्ट का विकास तेज गति से हो रहा है। बीते 12 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 154 नए एयरपोर्ट बनें, जो एक इतिहास है। इंदौर एयरपोर्ट भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। इंदौर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। इंदौर एयरपोर्ट की क्षमता 40 लाख यात्री प्रतिवर्ष है, बीते एक वर्ष में इंदौर एयरपोर्ट से 43 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जो क्षमता से अधिक है। इंदौर-पीथमपुर के आसपास औद्योगीकरण के विकास से यात्रियों की संख्या बढ़ी है। सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत यात्रियों की संख्या में और भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इंदौर एयरपोर्ट पर एक नया टर्मिनट और रनवे की लंबाई बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मालिनी गौड़, विधायक  गोलू शुक्ला, इंदौर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव तथा अन्य जनप्रतिनिधि, एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी-कर्मचारी एवं यात्रीगण उपस्थित थे।      

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