भारत-पाकिस्तान हॉकी मैच पर संकट, 1 नवंबर को पंजाब में भिड़ंत पर मंडराए सवाल

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चंडीगढ़
 पंजाब में होने वाली
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी को लेकर भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने सुरक्षा और दोनों देशों के बीच मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट को तटस्थ स्थान पर कराने की मांग की है।

पाकिस्तान की ओर से एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) के समक्ष यह मांग रखी गई है कि या तो पूरा टूर्नामेंट भारत से बाहर कराया जाए अथवा पाकिस्तान के मुकाबले किसी न्यूट्रल वेन्यू पर करवाए जाएं। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अंतरिम अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने कहा है कि यह कदम खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हालांकि पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से हटने की बात नहीं कही है और भारत समेत अन्य टीमों के खिलाफ खेलने की प्रतिबद्धता जताई है।

हॉकी इंडिया ने ठुकराई न्यूट्रल वेन्यू की मांग
पाकिस्तान की मांग के बाद हॉकी इंडिया ने फिलहाल साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट के आयोजन स्थल में कोई बदलाव नहीं होगा। हॉकी इंडिया के महासचिव और एएचएफ के उपाध्यक्ष भोला नाथ सिंह ने कहा कि यदि पाकिस्तान को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खेलना है तो उसे भारत आना होगा। जानकारी अनुसार पाकिस्तान के नहीं आने की स्थिति में ओमान या बांग्लादेश को विकल्प के तौर पर शामिल किया जा सकता है।

1 नवंबर को होना है मुकाबला
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पंजाब में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होना है। जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मुकाबले होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में खेले जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है।

पंजाब में लंबे समय बाद भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबला देखने को लेकर हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह था। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से न्यूट्रल वेन्यू की मांग आने के बाद इस मुकाबले के आयोजन को लेकर स्थिति फिर असमंजस में पहुंच गई है।

चार और देश भी उतरेंगे मैदान में
टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान के अलावा चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की टीमें प्रस्तावित हैं। पाकिस्तान के नहीं खेलने की स्थिति में ओमान और बांग्लादेश को विकल्प के तौर पर रखा गया है।

भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से द्विपक्षीय खेल संबंधों को लेकर अलग स्थिति रही है, हालांकि दोनों देशों की टीमें बहुदेशीय प्रतियोगिताओं में आमने-सामने आती रही हैं। अब सबकी नजर एशियाई हॉकी महासंघ के अगले फैसले पर है कि पाकिस्तान की न्यूट्रल वेन्यू की मांग पर क्या निर्णय होता है और क्या 1 नवंबर को जालंधर में भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबला देखने को मिलेगा।

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