यूपी में अब गन्ने से नहीं अनाज से बनेगी देसी शराब! पंजाब-हरियाणा से होगी बड़े पैमाने पर खरीद

Editor
4 Min Read

लखनऊ
 यूपी में गन्ने की कमी और शराब की बढ़ती मांग ने आबकारी विभाग को देसी शराब के उत्पादन का तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया है। अब गन्ने के शीरे पर निर्भरता कम करते हुए अनाज से शराब का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों से बड़े पैमाने पर अनाज खरीदने की तैयारी है। आबकारी विभाग ने इसके लिए सहमति दे दी है।

अभी तक प्रदेश में देसी शराब के साथ अंग्रेजी रम के उत्पादन में बड़े पैमाने पर गन्ने के शीरे का इस्तेमाल होता रहा है। गन्ने की उपलब्धता कम होने से शीरे की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। दूसरी ओर शराब की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए आबकारी विभाग ने वैकल्पिक कच्चे माल के रूप में अनाज के इस्तेमाल पर जोर दिया है। पिछले दिनों मुख्यालय में हुई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों ने माना कि गन्ने और शीरे की उपलब्धता पर पूरी तरह निर्भर रहने से शराब उत्पादन में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में अनाज से बनने वाली शराब का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए पंजाब और हरियाणा समेत उन राज्यों से अनाज की खरीद बढ़ाई जाएगी । विभागीय स्तर पर अनाज आधारित शराब के उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि गन्ने की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

जिले में खुलेगा लो अल्कोहलिक ब्रिवरेज बार
अगर आप ऐसी बीयर या शराब के शौकीन है कि पीने के बाद हल्का सुरूर तो हो, लेकिन नशे में झूमें नहीं तो अब आपको ऐसा बार मिलने जा रहा है। प्रयागराज के पहले लो अल्कोहलिक ब्रिवेजर बार को जिला बार समिति ने अनुमोदन दे दिया है। अनुमोदन मिलने के बाद होटल संचालक ने इसकी राशि भी जमा कर दी है, माना जा रहा है कि 10 दिन के भीतर यहां पर लोगों को पीने के लिए कम नशे वाली बीयर और वाइन मिलेगी।

अब तक जिले में जो भी बार खुले हैं, उनमें हर प्रकार की अंग्रेजी शराब मिलती है। महानगरों में लो अल्कोहलिक ब्रिवरेज बार का चलन है। प्रयागराज जैसे शहर में अब तक किसी ने इसे खोलने का साहस नहीं जुटाया था। अब जबकि शहरीकरण बढ़ रहा है और मॉडर्न जीवनशैली को लोग अपना रहे हैं तो शहर में इसकी मांग उठने लगी थी। इसे देखते हुए सिविल लाइंस सुभाष चौराहे करीब स्थित सम्राट होटल में इस बार को खोला जा रहा है।

अनाज से तैयार होती है व्हिस्की
अब तक अनाज से मुख्य रूप से व्हिस्की ही तैयार की जाती है। हालांकि रम और देसी के लिए मुख्य रूप से गन्ने का रस ही इस्तेमाल किया जाता है। देसी शराब ही प्रदेश में सबसे ज्यादा मांग वाली शराब है। गन्ने का इस्तेमाल होने से देसी शराब का उत्पादन प्रभावित हो सकता हे। ऐसे में इसके विकल्प के रूप में अनाज के इस्तेमाल की तैयारी शुरू कर दी गई है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live