जमशेदपुर
सना डिजाइनर ने झारखंड के बच्चों को बड़े सपने दिखाएं लेकिन इसके बदले में उनसे तीन-तीन हजार रुपये वसूले गए। यहीं नहीं इवेंट कंपनी ने वेब इंटरनेशनल होटल का बकाया भुगतान भी नहीं किया, जिसके कारण कार्यक्रम को बीच में ही बंद करना पड़ा है।
सना डिजाइन द्वारा रविवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-33 स्थित होटल वेव इंटरनेशनल में डिवा एंड डिवो एनवे सीजन-3 का आयोजन किया गया था। इसमें बच्चों को ब्रैंड एंबेसेडर सेलेक्शन, पेड शूट का अवसर, प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट द्वारा रैंपवाक से पहले तैयार करने, डिजाइनर आउट फिट से रैंम्प वाक कराने, सभी प्रतिभागियों को सैस वाली पट्टी, टॉप-3 को क्राउन व ट्राफी देने की बात कही गई थी।
वहीं, चुनिंदा बच्चों को भविष्य में होने वाले कार्यक्रम में पेड वर्क काम का अवसर देने, फैशन इंडस्ट्री में उनकी मजबूत प्रोफाइल तैयार करने के सपने दिखाए गए थे, लेकिन ऐसे इवेंट और इनके संचालक की कार्यप्रणाली ऐसी कि कार्यक्रम बीच में ही बंद कर दिया गया।
कारण आयोजन समिति ने होटल में दो माह पहले बुकिंग कराई थी। इसमें दोपहर में 150 लोगों के खाने की व्यवस्था से लेकर पुल साइट पर रैंम वाक के लिए जगह देना था। इसके लिए कुल 1.90 लाख में बात हुई, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने तक आधे पैसे नहीं दिए।
ऐसे में कार्यक्रम के बीच में ही होटल प्रबंधन ने लाइट बंद करवा दी, जिससे क्राउन सेरोमनी सहित अन्य कार्यक्रम बीच में ही रोकने पड़े। इसके बाद भी आयोजन समिति के सदस्य पैसे देने में आनाकानी करती रही।
नतीजन, होटल प्रबंधन ने चांडिल थाने को सूचना दी। पुलिस आकर आयोजन समिति के प्रमुख से कार्यक्रम के संबंध में देर रात तक पूछताछ करती रही। वहीं, इस आयोजन में जमशेदपुर सहित रांची से पहुंचे युवक व युवतियां खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। साथ ही आयोजन समिति को भी कोस रहे हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में आयोजन समिति के प्रमुख फैजान का कहना है कि उन्होंने इससे पहले दो और इवेंट कराए, जो पूरी तरह से हिट हुए थे। वहीं, इस तरह के कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति लेने के सवाल पर वे गोल-मोल जवाब देते रहे।
आयोजन समिति ने कमाएं तीन लाख रुपये
इस पूरे प्रकरण में एक बात सामने आई कि सुनहरे भविष्य की आस में बच्चे ऐसे इवेंट कंपनियों के झांसे में आती है और वे फैशन इंडस्ट्री व मुंबई में कैरियर बनाने के सपने दिखाकर उनसे पैसे ऐठती है।
इस कार्यक्रम में भी इवेंट कंपनी ने प्रत्येक बच्चों से तीन-तीन हजार रुपये वसूले, लेकिन इनके पास होटल प्रबंधन को बकाया देने तक के पैसे नहीं थे और फिर यह मामला उजागर हुआ। इसलिए युवाओं से अपील है कि वे ऐसे इवेंट में शामिल होने से पहले उनके आयोजकों के प्रोफाइल की जांच अवश्य कर लें।
