पठानकोट.
मानसून के सक्रिय होने और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही अच्छी बारिश का असर अब रणजीत सागर बांध परियोजना पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले एक दिन में पहाड़ों से आने वाले पानी और चमेरा परियोजना से बढ़े जल प्रवाह के कारण बांध की झील का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ गया है।
हालांकि बांध का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से करीब 25 मीटर नीचे है, इसलिए फिलहाल किसी तरह की चिंता की स्थिति नहीं है। बांध प्रशासन के अनुसार मानसून शुरू होने के साथ चमेरा और सेवा परियोजना से भी लगातार पानी आने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से इन परियोजनाओं के जरिए रणजीत सागर बांध में पानी की आमद बढ़ी है। इसी कारण एक ही दिन में झील के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
65 लाख यूनिट हो रहे प्रतिदिन तैयार
बांध में पानी बढ़ने के साथ बिजली उत्पादन भी जारी है। फिलहाल बांध के चारों बिजली उत्पादन यूनिट पूरी क्षमता से नहीं चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद प्रतिदिन करीब 65 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। लगभग 540 मेगावाट बिजली तैयार कर बांध से करीब 21 हजार क्यूसेक पानी शाहपुर कंडी बैराज की ओर छोड़ा जा रहा है। रणजीत सागर बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण शाहपुर कंडी बैराज की झील का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इस समय बैराज का जलस्तर 401.60 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि अधिकतम क्षमता 404.50 मीटर है। यानी बैराज भी धीरे-धीरे भरने की ओर बढ़ रहा है।
पानी की मांग में भी आई कमी
उधर, पिछले कुछ समय से मैदानी इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इसके चलते सिंचाई के लिए पानी की मांग पहले के मुकाबले कुछ कम हो गई है। इसी वजह से शाहपुर कंडी बैराज से माधोपुर हेडवर्क्स की ओर फिलहाल 11,600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। माधोपुर हेडवर्क्स से अलग-अलग नहरों में भी जरूरत के अनुसार पानी दिया जा रहा है। अपर बारी दोआब नहर में 7,823 क्यूसेक, एमबी लिंक नहर में 3,100 क्यूसेक, कश्मीर नहर में 369 क्यूसेक और इस्लामपुर नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे पंजाब के साथ अन्य क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था भी सुचारु बनी है।
जल प्रबंधन की बांध पर नजर
बांध से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अभी शुरुआती दौर में है। यदि पहाड़ों में अच्छी बारिश जारी रहती है तो आने वाले दिनों में रणजीत सागर बांध का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है। फिलहाल बांध पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में है और जल प्रबंधन पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। मानसून के इस दौर से बिजली उत्पादन, सिंचाई और जल भंडारण—तीनों क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
