‘मैं राम का वंशज हूं’, CM सम्राट ने किया 1 करोड़ लोगों को नौकरी देने का बड़ा दावा

Editor
6 Min Read

पटना.

मुख्यमंत्री ने पटना में आयोजित 'तुलसी के राम' कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम, सनातन संस्कृति, नदी जोड़ो परियोजना और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में अब सालभर पानी रहेगा।

सोन नदी से फल्गु को जोड़ा जाएगा और नदियों को जोड़ने का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं लवकुश हूं। लवकुश समाज से आता हूं। भगवान श्रीराम का वंशज हूं। आश्‍वस्‍त करता हूं क‍ि  फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़कर गया में पानी की कमी दूर की जाएगी। सोन कोइलवर से भागलपुर तक पीपीपी मोड में मरीन ड्राइव बनाने की बात भी कही। उन्‍होंने नद‍ियों को जोड़ने की योजना की चर्चा की। कहा क‍ि आचार्य चाणक्य के नाम पर पटना में शोध संस्थान खुलेगा। 

भगवान राम ने समाज को मर्यादा का संदेश दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के प्रतीक हैं। 14 वर्ष के वनवास के दौरान उन्होंने भारत भ्रमण किया और समाज में मर्यादा एवं संस्कृति की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने समाज पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और मर्यादा को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।  

राम मंदिर आंदोलन और कामेश्वर चौपाल का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। बिहार के बेटे कामेश्वर चौपाल से शिलापूजन कराया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को वर्षों तक टेंट में रखा गया और भक्तों ने संघर्ष कर उन्हें भव्य मंदिर में स्थापित कराया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार और कई गठबंधन के बाद 2014 में भाजपा की सरकार बनी और अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वीपी सिंह की सरकार के समय भाजपा ने समर्थन देकर ओबीसी आरक्षण लागू कराने में भूमिका निभाई। बाद में पहली बार अति पिछड़ा समाज के बेटे के प्रधानमंत्री बनने के बाद सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी का दावा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर जेल में रखी भगवान वामन की प्रतिमा को वहां से मुक्त कराकर बक्सर में वामन मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई योजनाओं का भी उल्लेख किया। गया के विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए 680 करोड़ रुपये की योजना का जिक्र किया गया। सीता मंदिर के निर्माण पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई।

फल्गु में पानी लाने के लिए नदियों को जोड़ने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सीता ने फल्गु नदी को शाप दिया था। अब सोन नदी का पानी फल्गु में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फल्गु को सोन से जोड़ने के साथ अन्य नदियों को भी आपस में जोड़ने का काम किया जाएगा! ताकि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर हो सके। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में सालभर पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घर की दीवार का रंग भगवा हो जाने पर कुछ लोग चिढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवा सनातन संस्कृति का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

धार्मिक पर्यटन और विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ जल संसाधन और आधारभूत संरचना पर भी जोर दिया गया। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर और सीता मंदिर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं फल्गु और सोन नदी को जोड़ने की योजना से गया में जल संकट दूर करने और नदी आधारित विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति, धार्मिक स्थलों के विकास और बिहार की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live