कड़ी सुरक्षा में HCS परीक्षा संपन्न, फेस स्कैन और बायोमेट्रिक के बाद मिली एंट्री

Editor
4 Min Read
कड़ी सुरक्षा में HCS परीक्षा संपन्न, फेस स्कैन और बायोमेट्रिक के बाद मिली एंट्री
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

अंबाला

 हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को हुई। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। बातचीत में अधिकांश परीक्षार्थियों ने स्वीकार किया कि इस बार का पेपर न सिर्फ कठिन था बल्कि सवालों का पैटर्न पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। वहीं एलाइड सर्विस के प्रश्नपत्र से विद्यार्थी खुश नजर आए। इस परीक्षा के लिए दोनों पालियों में 8712 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।

यह आया कठिन
अभ्यर्थियों के मुताबिक, सामान्य अध्ययन के पेपर में सीधे सवाल पूछने के बजाय कथन और निष्कर्ष और जोड़े मिलाओ वाले सवालों की भरमार थी। भूगोल में महासागरीय धाराओं और खनिज क्षेत्रों कुद्रेमुख, बालाघाट पर आधारित सवालों ने अभ्यर्थियों को परेशानी में डाला। रसायन विज्ञान में मेथनॉल की विषाक्तता और कोलाइड्स से जुड़े तकनीकी सवालों का स्तर काफी ऊंचा रहा। वहीं राज्य की संस्कृति से जुड़े सवालों में लूर नृत्य और झाड़ू फिरी जैसी रचनाओं के मिलान ने भी परीक्षार्थियों को उलझाए रखा।

पेपर काफी विस्तृत था। खासकर कथन-1 और कथन-2 वाले सवालों में बहुत समय बर्बाद हुआ। अगर कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं है, तो तुक्का लगाना नामुमकिन था।
 अमित कुमार, अभ्यर्थी उकलाना

एचपीएससी अब पूरी तरह यूपीएससी के पैटर्न को फॉलो कर रहा है। इकोनॉमिक्स में बेरोजगारी और जीडीपी से जुड़े सवाल बेसिक लग रहे थे लेकिन उनके विकल्प बहुत उलझाने वाले थे।
 स्नेहा, अभ्यर्थी पिंजौर

नेगेटिव मार्किंग का डर
परीक्षा में 0.25 अंकों की नेगेटिव मार्किंग और पांचवें विकल्प (ई) की अनिवार्यता ने भी छात्रों पर मानसिक दबाव बनाए रखा। कई छात्रों ने बताया कि समय कम होने के कारण वे भूगोल और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कुछ सवाल हल नहीं कर पाए। वहीं कोचिंग विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने बताया कि पेपर का स्तर काफी कठिन श्रेणी में था। ऐसे में इस बार सामान्य श्रेणी की कट-ऑफ पिछली बार के मुकाबले कम रहने का अनुमान है। कुल 100 सामान्य अध्ययन के प्रश्नों के उत्तर के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। इस बार की परीक्षा में हरियाणा की संस्कृति और वैश्विक पर्यावरण समझौतों पर अधिक ध्यान दिया गया।

प्रशासन ने की थी हाई-टेक व्यवस्था
जिले के 31 केंद्रों पर रविवार को एचसीएस की प्रारंभिक परीक्षा तकनीक के चक्रव्यूह में संपन्न हुई। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार हाई-टेक व्यवस्था अपनाई। केंद्रों के गेट पर अभ्यर्थियों का पहले फेस स्कैन किया गया, फिर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान मिलने के बाद ही एंट्री दी गई। केंद्रों के पास धारा 163 लागू रही और फोटोस्टेट की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस बल और कंट्रोल रूम के जरिए परीक्षा पर नजर रखी गई।

एलाइड सर्विसीज की प्रारंभिक परीक्षा रही आसान
जिले में रविवार को आयोजित एलाइड सर्विसीज की प्रारंभिक परीक्षा उम्मीद से कहीं ज्यादा सरल रही। प्रश्नपत्र का स्तर आसान होने के कारण अधिकतर अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले ही अपनी ओएमआर शीट जमा कर दी। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही युवा अपने साथियों के साथ उत्तरों का मिलान करने और अंकों का गणित जोड़ने में व्यस्त हो गए। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी संतुलित था। विशेषकर इतिहास और डाक विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी। बंगाल का विभाजन और सुभाष चंद्र बोस के नारे जैसे सीधे सवालों ने स्कोरिंग को आसान बना दिया। वहीं, डाक नियमों से जुड़े तकनीकी सवाल भी विभागीय तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सरल रहे।

 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *