चंडीगढ़
हरियाणा में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पहली बार पुलिस में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) बनाने की मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर गृह सचिव सुधीर राजपाल ने एटीएस के गठन की अधिसूचना भी जारी कर दी, जिसका मुख्यालय पंचकूला में होगा।
आतंकवादियों और आतंकी नेटवर्क से निपटने के लिए गठित एटीएस में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की तर्ज पर विशेष प्रशिक्षित कमांडो शामिल किए जाएंगे, जिनकी कमान पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी के हाथ में होगी।
आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच सामान्य पुलिस की बजाय एटीएस करेगा, जिसकी अपनी कमांड, अपना मुख्यालय और अपने अलग पुलिस थाने होंगे। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि आधुनिक तकनीक, विशेष प्रशिक्षण, मजबूत खुफिया तंत्र और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से यह दस्ता आतंकवाद, कट्टरपंथ और संगठित आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करेगा। जल्द ही राष्ट्रीय सुरक्षा के मानकों के अनुरूप एक सशक्त एवं पेशेवर एटीएस तैयार किया जाएगा, जो प्रदेश को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
एटीएस का कार्य आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया, आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच और मुकदमा चलाना, खुफिया जानकारी जुटाना, प्रोसेस करना और शेयर करना, इंटर एजेंसी आपरेशनल कोर्डिनेशन, आतंकवाद से संबंधित डेटाबेस को बनाए रखना, संबंधित डेटा का रिसर्च और एनालिसिस और स्किल अपग्रेडेशन के लिए ट्रेनिंग देना होगा।
एटीएस का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा। एटीएस सीआइडी के कमांड एवं नियंत्रण में कार्य करेगा। इसकी संरचना आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय बनाई गई है। इसमें एनएसजी की तर्ज पर एक अत्यंत प्रशिक्षित विशेष कमांडो बल शामिल होगा, जो त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील अभियानों को अंजाम देगा।
खुफिया एवं संचालन शाखा आतंकवादी संगठनों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी के लिए उत्तरदायी होगी। आतंकवाद और उससे संबंधित अपराधों की विशेष जांच के लिए एक समर्पित एटीएस पुलिस स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिसमें कानूनी, वित्तीय जांच तथा फारेंसिक इकाइयां कार्य करेंगी।
पंचकूला और गुरुग्राम में होंगे थाने
पूरे हरियाणा को कवर करने के लिए एटीएस के दो थाने बनाए जाएंगे। पंचकूला एटीएस के अधिकार क्षेत्र में पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, कैथल, हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद, सिरसा, रोहतक, भिवानी और चरखी दादरी जिले शामिल किए गए हैं। गुरुग्राम एटीएस सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले को संभालेगा।
युवाओं को कट्टरपंथी विचारधाराओं से दूर रखने के लिए अभियान
तकनीकी सुदृढ़ता सुनिश्चित करने हेतु साइबर एवं टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट ओपन सोर्स इंटेलिजेंस, डार्क वेब और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की निगरानी करेगी, जबकि डेटा एनालिसिस एवं इंटरसेप्शन यूनिट आधुनिक विश्लेषण प्रणालियों के माध्यम से सूचनाओं का संग्रह और मूल्यांकन करेगी। युवाओं को कट्टरपंथी विचारधाराओं से दूर रखने के लिए डि-रेडिकलाइजेशन यूनिट समाज में जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रम चलाएगी। साथ ही प्रशिक्षण एवं अनुसंधान विंग समय-समय पर कौशल उन्नयन, रिफ्रेशर कोर्स तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के विकास का कार्य करेगा।
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि राज्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आतंकवाद के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं की जा सकती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एटीएस के गठन से हरियाणा की कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
