बीकानेर में गिव अप अभियान की बड़ी सफलता, 84 लाख लोगों ने छोड़ा एनएफएसए लाभ

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बीकानेर में गिव अप अभियान की बड़ी सफलता, 84 लाख लोगों ने छोड़ा एनएफएसए लाभ
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जयपुर
पंचायत समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गोदारा ने कहा कि गिव अप अभियान ने प्रदेश के 84 लाख लोगों की खोई मुस्कान लौटाई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में प्रदेश में चला यह अभियान देशभर के लिए नजीर बना। अभियान के तहत 82 लाख लोगों द्वारा स्वेच्छा से लाभ त्याग करना देशभर में नजीर है।

गोदारा ने कहा कि घर-घर संपर्क के दौरान यह सामने आया कि अपात्र लोग इस योजना का लाभ ले रहे थे जबकि पात्र एवं जरूरतमंद इससे वंचित हैं। खाद्य सुरक्षा अधि​नियम के अनुसार प्रदेश के 4.46 करोड़ लोगों को ही इसका लाभ दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान रखते हुए 1 नवंबर, 2024 को यह अभियान शुरू किया और सक्षम लोगों से स्वेच्छा से एनएफएसए का लाभ त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अभियान से प्रेरित होकर 56 लाख ने इसका त्याग किया और 29 लाख ने ईकेवाईसी नहीं करवाई।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक दशक से अधिक समय के बाद 26 जनवरी, 2025 को एनएफएसए पोर्टल चालू किया और अब तक 84 लाख वास्तविक पात्रजनों को लाभ दिया जा सका है। उन्होंने कहा कि इन लाभार्थियों को निःशुल्क इलाज, गैस सिलेंडर सब्सिडी और दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को पांच लाख रुपए तक की सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दस साल पूर्व चला ऐसा अभियान
गोदारा ने कहा कि दस वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गैस सब्सिडी स्वेच्छा के छोड़ने का अभियान चला। जिसे आमजन का बड़ा समर्थन मिला। गिव अप अभियान को भी आमजन का भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसकी सराहना की। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रदान किए।

जनप्रतिनिधियों में हो सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना
गोदारा ने गत ढाई वर्षों में लूणकरणसर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के बारे में बताया और कहा कि इस अवधि में क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा और पशु चिकित्सा के सहित सात प्रमुख क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले ढाई सालों में डूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल होगा। गोदारा ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।

प्रत्येक क्षेत्र में लाभार्थियों से हो रहा संवाद
गोदारा ने कहा कि प्रदेश में चले ऐतिहासिक गिव अप अभियान की सफलता के पश्चात मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के एनएफएसए लाभार्थियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। इसकी अनुपालना में अब तक नोखा और खाजूवाला में लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है। भविष्य में अन्य विधानसभाओं में भी इसका आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ में 34 लाख लोगों ने स्वेच्छा से एनएफएसए का लाभ छोड़ा है, जिससे 30 हजार से अधिक पात्र लोगों को योजना से जोड़कर राहत दी गई है।

श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि गत ढाई वर्षों में क्षेत्र ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। क्षेत्र में सड़क, पानी, विद्युत तंत्र सुदृढ़ीकरण सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर लगे हैं। जिससे विद्युत तंत्र में आमूलचूल सुधार हुआ है।

विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष राम गोपाल सुथार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों, गरीबों, महिलाओं, वृद्धजनों और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की अनेक योजनाएं इन वर्गों के लिए चलाई जा रही हैं। पात्र व्यक्ति इनका लाभ उठाएं, उन्होंने शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचाने का आह्वान किया।

इस दौरान जालम सिंह भाटी, रामेश्वर पारीक और छैलू सिंह शेखावत ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में मानमल शर्मा, विनोद गिरी गुसाई, महेंद्रनाथ तंवर, कानाराम, राजकुमार कस्वा, हेमनाथ जाखड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अनेक लोगों ने मंत्री गोदारा का मालाएं पहनाकर स्वागत किया।

बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ के बीच दर्जनों स्थानों पर हुआ अभिनन्दन
इससे पहले बीकानेर से रवाना होने पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का रायसर, सेरूणा, झंझेउ, जोधासर और लखासर सहित श्रीडूंगरगढ़ तक दर्जनों स्थानों पर भव्य स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने की मंत्री गोदारा की अगवानी की। इनमें सेरूणा से पूर्व सरपंच, रणवीर सिंह, गौरीशंकर स्वामी, भगवान स्वामी, झंझेउ से श्री भँवर सिंह तंवर, रीडी से बालू राम जाखड़, मुनीराम जाखड़, बादनूं से नवरत्न घिंटाला, लखासर से भंवर सिंह चंद्रावत, गोपालसर से सीताराम बुढ़िया, कुलदीप सारस्वत सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

 

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