रोहतक में फर्जी NEET पेपर के नाम पर ठगी, STF जांच के बाद PGI थाने में FIR दर्ज

Editor
3 Min Read

रोहतक.

नीट परीक्षा के नाम पर कथित फर्जी प्रश्नपत्र दिखाकर अभ्यर्थियों और आम लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4) और 56 के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। यह कार्रवाई एसटीएफ सोनीपत की ओर से भेजी गई रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले में पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 21 जून 2026 को एसटीएफ सोनीपत के निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने थाना पुलिस को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें कुछ व्यक्तियों की ओर से नीट परीक्षा के नाम पर फर्जी प्रश्नपत्र के माध्यम से आपराधिक षड्यंत्र रचकर अभ्यर्थियों और आम जनता से धोखाधड़ी करने की आशंका जताई गई थी। इस पर 22 जून को प्रारंभिक जांच शुरू की गई।

लोगों को किया गया गुमराह
जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि कुछ लोग नीट परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी प्रश्नपत्रों का सहारा लेकर अभ्यर्थियों से ठगी करने और परीक्षा को लेकर भ्रम एवं असमंजस की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया। इसके बाद 6 जुलाई 2026 को बीएनएस की धारा 318(4) और 56 के तहत एफआइआर दर्ज कर मामले की नियमित जांच शुरू कर दी गई।

13 घंटे तक की गई पूछताछ
गौरतलब है कि इसी मामले में 21 जून को एसटीएफ सोनीपत ने रोहतक में कार्रवाई करते हुए एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक विश्वविद्यालय शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की थी। टीम ने तीनों से पूछताछ की और उनके मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच भी की। जांच के दौरान एजेंसियों को मोबाइल फोन में परीक्षा की तैयारी से संबंधित प्रश्न और अध्ययन सामग्री मिली थी, लेकिन प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ, जिसे वास्तविक नीट प्रश्नपत्र माना जा सके।

इसी कारण उस समय लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया था। उस दौरान मामले को अस्पताल में कथित एक करोड़ रुपये के लेन-देन से भी जोड़कर देखा गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। तत्कालीन जांच के दौरान डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने केवल जांच जारी होने की बात कही थी। अब उसी प्रकरण में फर्जी नीट पेपर के नाम पर धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों को लेकर औपचारिक एफआइआर दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live