पारंपरिक मछली पालन से आगे बढ़कर स्टार्टअप आधारित होगा मत्स्योद्योग : राज्यमंत्री पंवार

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भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मत्स्योत्पादन को दोगुना करने के विजन को लेकर 'मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026' के सफल क्रियान्वयन की दिशा में शुक्रवार को राज्य स्तरीय 'हितधारक सम्मेलन' हुआ। इस सम्मेलन में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार की उपस्थिति में मत्स्य क्षेत्र के उद्यमियों और निवेशकों ने उत्साह दिखाया।

राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि प्रदेश में पहले वर्ष 10 हज़ार केज लगाने का लक्ष्य था, लेकिन निवेशकों की ओर से लगभग 2 लाख केज लगाने के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह दिखाता है कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में विभाग द्वारा सकारात्मक पहल की जा रही है।

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा कि आज का यह समागम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार पहली बार पारंपरिक मत्स्य पालन की सीमाओं से आगे बढ़कर एकीकृत मत्स्योद्योग (हितग्राही और उद्यमी मॉडल) पर काम कर रही है। इसे केवल एक समाज आधारित योजना के रूप में न देखकर, हर वर्ग को साथ लेकर चलने और रोजगार सृजन की 'स्टार्टअप आधारित ब्लू इकॉनमी' के रूप में देखा जाना चाहिए।

केज कल्चर के लिए खत्म हो आवेदन की समय सीमा:  पंवार

राज्यमंत्री  पंवार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केज कल्चर के प्रस्ताव प्राप्त करने की प्रक्रिया को किसी समय-सीमा में न बांधा जाए। इसे एक सतत प्रक्रिया बनाया जाए जिससे अधिक से अधिक युवा उद्यमी और हितग्राही इससे जुड़ सकें। कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्य विकास के लिए 100 करोड़ रुपये तक खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कोल्ड चेन मेंटेन करने, हैचरी निर्माण और फिश फीड के लिए शासन द्वारा पूरी सहायता और सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बैंकिंग और इंश्योरेंस क्षेत्र के हितधारकों से मत्स्य उत्पादन के आधुनिकीकरण में सहयोग की अपील की।

हर निवेशक के साथ जुड़ेंगे कॉन्टैक्ट ऑफिसर: सचिव  सिंह

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के सचिव  स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश जलाशयों का केंद्र है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए हर निवेशक के साथ सुविधानुसार एक 'कॉन्टैक्ट ऑफिसर' नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी निवेशक के सभी आवश्यक दस्तावेजीकरण, सब्सिडी और अन्य विभागीय कार्यों को पूर्ण कराने में मदद करेगा। साथ ही, विभाग द्वारा मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जुड़े एक्सपर्ट्स की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्यमंत्री  नारायण सिंह पंवार ने केज कल्चर के प्रस्तावों के अनुरूप प्राथमिक रूप से चयनित केज कल्चर के हितधारकों को अभिस्वीकृति पत्र वितरित किये गए। मत्स्य महासंघ के प्रबंध संचालक  अनुराग चौधरी ने सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में निवेशकों और उद्यमियों के साथ 'राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस' भी आयोजित की गई, जिसमें स्टेक होल्डर्स से प्राप्त प्रस्तावों और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, प्रदेश में 'केज कल्चर' को बढ़ावा देने के लिए इसमें इस्तेमाल होने वाले सीड, फीड और जाल आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विक्रेताओं के साथ भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के संचालक  मनोज पथरोलिया, मत्स्य महासंघ के महाप्रबंधक  रवि गजभिए समेत प्रदेश भर से आए मत्स्य उद्यमी, निवेशक, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। उप संचालक, मत्स्योद्योग  गिरीश मेश्राम ने सभी अतिथियों, निवेशकों और हितधारकों के प्रति आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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