हरियाणा के किसान अब तंजानिया में भी कर सकेंगे खेती, सरकार ने विदेशी कृषि निवेश को दी मंजूरी

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हरियाणा के किसान अब तंजानिया में भी कर सकेंगे खेती, सरकार ने विदेशी कृषि निवेश को दी मंजूरी
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चंडीगढ़

हरियाणा के किसान अब केवल अपने राज्य में नहीं बल्कि पूर्वी अफ्रीका के देश तंजानिया में भी जमीनी खरीदकर खेती कर सकते हैं। राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर तंजानिया के साथ व्यापारिक संबंधों में विस्तार करने पर चर्चा की है। इसके बाद राज्य के किसानों का यहां पर जाकर जमीन खरीदना और खेती करवाना आसान हो गया है। हरियाणा सरकार तंजानिया में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके बाद यहां के किसानों और व्यापारियों ने भी इस पूर्वी अफ्रीकी देश के बाजारों में अवसरों की तलाश शुरू कर दी है

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इसे हरियाणा के किसानों और व्यापारियों के लिए एक बेहतर मौका करार दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उद्यम करने में सक्षम बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र के समर्थन से तंजानिया में एक लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार सैनी ने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार सहयोग का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिसमें खनन, प्लाईवुड, कृषि और आईटी जैसे क्षेत्र शामिल है।

इस योजना के लाभार्थी भिवानी के पास दादरी में रहने वाले सोमवीर घासोला भी हैं। इन्होंने तंजानिया में जमीन खरीदी है। घासोला ने तंजानिया की राजधानी डोडोमा के पास खनन व्यवसाय भी स्थापित किया है। भाषा से बात करते हुए घासोला ने कहा कि अफ्रीकी देश में बहुत सस्ती दरों पर उपजाऊ भूमि मिलती है। उस जमीन पर सभी प्रकार की फसलों को उगाया जा सकता है। यहां से वैश्विक बाजारों तक पहुंच भी आसानी से मिल जाती है, इससे यहां पर व्यापार और भी ज्यादा आसान हो जाता है। घासोला ने जमीन के एक बड़े हिस्से के बारे में कहा कि यह चावल, गन्ना, काजू और अन्य फसलें उगाने के लिए उपयुक्त है।

इस योजना के एक और लाभार्थी शिव कुमार कंबोज ने भी कुछ महीने पहले ही तंजानिया में एक चीनी नागरिक से फैक्ट्री खरीदी थी। वह लगातार इस फैक्ट्री से लाभ कमा रहे हैं। अपने अनुभव को साझा करते हुए कंबोज ने कहा, "'हम तंजानिया के कारखाने में कच्चा माल तैयार करते हैं। उसे यहां लाते हैं और अपने लिए उपयोग करते हैं तथा प्लाईवुड व्यवसाय के अन्य उद्यमियों को भी देते हैं। हरियाणा सरकार का विदेशी सहयोग विभाग हमारी सहायता कर रहा है। मैं लगभग तीन साल पहले तंजानिया गया था। पिछले साल मैंने वहां एक कारखाना खरीदा था… वहां के लोग और सरकार बाहें फैलाकर हमारा स्वागत करते हैं।''

तंजानिया के साथ जारी इस योजना पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है और एक मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है। सिंह ने कहा कि हरियाणा ने न केवल विकसित देशों के साथ बल्कि अफ्रीकी देशों के साथ भी व्यापार और निवेश के अवसरों की तलाश की है।

इस संबंध में हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस साल के अंत में सात दिनों के लिए तंजानिया का दौरा करेगा और 50वें दारे-सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (तंजानिया का प्रमुख व्यापार कार्यक्रम) में भाग लेगा, जहां एक हरियाणा पवेलियन भी स्थापित किया जाएगा। सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों में समृद्ध खनिज संसाधन और सस्ती खेती के अवसर हैं।

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