फरीदाबाद का सरकारी स्कूल बना मॉडल स्कूल, प्राइवेट को दे रहा टक्कर

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फरीदाबाद

 हरियाणा का ये स्कूल चर्चा का केंद्र बन गया है. फरीदाबाद के तिगांव गांव में स्थित सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग अब किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं लगती. चमचमाती बिल्डिंग, डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह स्कूल अब आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. एडमिशन का दौर चल रहा है और बड़ी संख्या में बच्चे यहां पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं. गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल तिगांव, जो अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा एक पुराना स्कूल माना जाता है, अब पूरी तरह नई पहचान के साथ सामने आया है. पहले यहां पुरानी बिल्डिंग में पढ़ाई होती थी लेकिन अब नई बिल्डिंग बनने के बाद स्कूल का पूरा माहौल बदल गया है. हालांकि पुरानी बिल्डिंग अभी भी मौजूद है. उसमें अब पढ़ाई नहीं होती है, पढ़ाई अब नई बिल्डिंग में होती है.

हरियाणा सरकार की स्कीम ने बदली सूरत
लोकल 18 से बातचीत में अंग्रेजी के प्रवक्ता सुनील नागर बताते हैं कि हरियाणा सरकार ने मॉडल संस्कृति स्कूल योजना के तहत शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की है. फरीदाबाद में ऐसे 6 स्कूल चुने गए हैं, जिनमें से एक तिगांव का यह स्कूल भी है. इस स्कूल को यहां तक पहुंचाने में मंत्री राजेश नागर का भी अहम योगदान रहा है. सुनील नागर ने बताया कि यह किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. न टीचिंग स्टाफ के लेवल पर और न ही सुविधाओं के मामले में. पूरी बिल्डिंग में कैमरे लगे हैं. डिजिटल क्लासरूम हैं. आरओ सिस्टम और वाटर कूलर की सुविधा है. सोलर प्लांट लगा हुआ है. इसलिए बिजली की कोई दिक्कत नहीं होती.

85 गांवों के बच्चे
सुनील बताते हैं कि स्कूल में कंप्यूटर लैब और लैंग्वेज लैब भी है. हर क्लास डिजिटल है और पढ़ाई पूरी तरह आधुनिक तरीके से कराई जा रही है. स्कूल में 12 से 13 सेक्शन हैं और हर सेक्शन में करीब 40 बच्चे पढ़ते हैं. यह स्कूल आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम में चलता है जिसमें साइंस में मेडिकल और नॉन-मेडिकल दोनों विकल्प हैं. यहां 84 से 85 गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं. यहां तो उल्टा सिस्टम है लोग शहर से गांव में पढ़ने आते हैं. फरीदाबाद के सेक्टरों से भी बच्चे यहां एडमिशन लेने आते हैं. बच्चों की रुचि जांचने के लिए कभी-कभी टेस्ट लिया जाता है और कुछ मामलों में लकी ड्रॉ के जरिए भी एडमिशन दिया जाता है. यह स्कूल खास तौर पर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए भी है. एडमिशन आसानी से ले सकते हैं.

100 प्रतिशत रिजल्ट
स्कूल के प्रिंसिपल हंसराज ने बताते हैं कि इस स्कूल का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है. यहां से पढ़कर कई छात्र क्लर्क से लेकर IAS अधिकारी और मंत्री तक बने हैं. यह हमारे इलाके की बड़ी पहचान है. 2022 में इस स्कूल को हरियाणा बोर्ड से सीबीएसई में अपग्रेड किया गया था. इस बार भी 10वीं का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा है.

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