चंडीगढ़.
पंजाब सरकार के कर्मचारियों और सरकार के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा टकराव बुधवार को खत्म हो गया। मुख्य सचिव के साथ कर्मचारी संगठनों की बैठक के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का औपचारिक एलान कर दिया।
बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर भी लगभग सहमति बन गई है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए दोनों पत्र वापस लेने पर भी सहमति बनी है। कर्मचारी संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन शुरू किया था और बाद में हड़ताल को 11 सितंबर तक बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे पंजाब सिविल सचिवालय समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ था। सरकार की ओर से भी सख्त रुख अपनाते हुए ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का नियम लागू करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
मुख्य सचिव के साथ हुई बातचीत
बुधवार को मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। कर्मचारियों की मांगों पर भी सरकार के साथ लगभग सहमति बनने की बात कही गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से जारी दोनों पत्रों को वापस लेने का फैसला हुआ है। इस घटनाक्रम से सरकार और कर्मचारियों के बीच बढ़ा तनाव फिलहाल खत्म हो गया है। कर्मचारियों के हड़ताल वापस लेने के बाद अब सरकारी कार्यालयों में सामान्य कामकाज बहाल होने की उम्मीद है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया जल्द स्पष्ट की जाएगी।
क्या थी मांगें?
कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता और एरियर जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अस्थायी कर्मियों को नियमित और वेतन से जुड़ी विसंगतियां दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

