मनी लॉन्ड्रिंग केस में IAS बसंत गर्ग और संदीप कुमार पर ED का शिकंजा, 20 मई को फिर तलब

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चंडीगढ़
 एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की और से पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मामले में तलब किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सीएमडी बसंत गर्ग और चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार निर्धारित तिथि पर एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो सके।

अब दोनों अधिकारियों को 20 मई बुधवार को दोबारा पेश होने के लिए समन जारी किए गए है। बीती 18 मई को ईडी ने बसंत गर्ग को दिल्ली स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था।

वहीं गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार को न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, जमीन उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और मंजूरियों से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में समन जारी किया गया था। दाेनों अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं गए।

हालांकि गमाडा मुख्य प्रशासक संदीप कुमार की ओर से चार गजटेड अफसरों को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय भेजा गया जो सीएलयू से संबंधित सारा रिकार्ड जमा करवा कर आए। इस रिकार्ड में न्यू चंडीगढ़ में विभिन्न प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और संबंधित प्रशासनिक फाइलों से जुड़ा रिकार्ड एजेंसी को दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इन दस्तावेजों के आधार पर कई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और विभागीय अनुमोदनों को लेकर जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी विशेष तौर पर उन फाइलों की पड़ताल कर रही है, जिनमें बड़े बिल्डरों को मंजूरी दी गई थी।

अब तक क्या हुआ: मामले की टाइमलाइन
संजीव अरोड़ा से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों को लेकर सबसे पहले 2023 में संदेह पैदा हुआ था, जब उनकी कंपनी एचएसआरएल पर कागजों में 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल बिक्री लेनदेन और दुबई में 102 करोड़ रुपये के कथित फर्जी निर्यात का मामला सामने आया।

इसके बाद ईडी ने विदेशी लेनदेन और फंड रूटिंग को लेकर प्राथमिक जांच शुरू की। अप्रैल 2026 में ईडी ने फेमा के तहत पहली बार संजीव अरोड़ा और एचएसआरएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान विदेशी लेनदेन और निर्यात दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई।

इसके बाद 5 मई 2026 को दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के आरोपों के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नया केस दर्ज किया।

ईडी ने कई जगहों पर रेड की
8 और 9 मई को ईडी ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान न्यू चंडीगढ़ से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और कुछ निजी कंपनियों के दस्तावेज जब्त किए गए। 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था।

10 मई को विशेष अदालत ने उन्हें ईडी रिमांड पर भेजा। 18 मई को अरोड़ा को न्यायिक में हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान कई अधिकारियों व कारोबारियों को समन जारी किए गए।

16 और 17 मई को ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग, पावरकाम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर, कारोबारी हेमंत सूद, चंद्रशेखर अग्रवाल और गमाडा से जुड़े अधिकारियों को तलब किया। एजेंसी का फोकस न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और पूर्व मंत्री से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर रहा।

 

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