रांची
झारखंड सरकार की नई वस्त्र नीति 2026 (टेक्स्टाइल पॉलिसी) का ड्राफ्ट इंटरनेट पर साझा करते हुए उद्योग विभाग ने सभी स्टेक होल्डर्स से आपत्तियां तलब की हैं।
यह नीति हाल के महीनों में चर्चा का विषय रही है। ज्ञात हो कि झारखंड की पिछली वस्त्र नीति सितंबर 2023 में समाप्त हो गई थी, और तब से राज्य में कोई नई औपचारिक नीति लागू नहीं थी।
नई वस्त्र नीति 2026 का मसौदा अब तैयार कर लिया गया है और इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह नीति 8-9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श में सार्वजनिक चर्चा के लिए रखी जाएगी।
यह नीति विशेष रूप से संताल परगना क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर केंद्रित है, जो अब तक औद्योगिक गतिविधियों से दूर रहा है। इस क्षेत्र में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन और राहत देने की योजना है।
रोजगार सृजन पर जोर
नीति का मुख्य उद्देश्य 20,000 से अधिक अतिरिक्त रोजगार सृजित करना है, विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए। नीति में महिला कर्मचारियों के लिए पुरुषों की तुलना में ₹1,000 अधिक मासिक सब्सिडी का प्रावधान है।
नए केंद्रों की तलाश में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय
केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय पारंपरिक केंद्रों (सूरत, तिरुपुर) से हटकर नए राज्यों में विनिर्माण को बढ़ावा देना चाहता है। इसके लिए छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड के साथ बातचीत चल रही है।
विभिन्न प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत अधिक निवेश आकर्षित करना इस पहल का उद्देश्य है। इसके साथ ही नए वस्त्र केंद्रों का विकास करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना पीएलआई योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
नीति की विशेषताएं
पूंजी सब्सिडी : कुल लागत के हिसाब से 20 प्रतिशत (₹50 करोड़ तक), SC/ST/महिलाओं को 5% अतिरिक्त लाभ
ब्याज सब्सिडी 7% प्रति वर्ष या 50% (₹3करोड़ तक), 5 वर्षों के लिए
स्टेट जीएसटी प्रतिपूर्ति पहले 7 वर्षों के लिए 100%, अगले 3 वर्षों के लिए 40%
रोजगार सब्सिडी पुरुषों के लिए पांच हजार रुपये प्रति माह और महिलाओं के लिए छह हजार रुपये मासिक
