MP के मंदिरों में दान व्यवस्था होगी हाईटेक, QR कोड और ऑनलाइन भुगतान से बढ़ेगी पारदर्शिता

Editor
2 Min Read

खंडवा.

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा।

दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन
ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी
मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है।

पारदर्शिता के प्रमुख उपाय

  • दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग
  • ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था
  • बैंक के माध्यम से राशि जमा
  • आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा
  • प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live