झारखंड-कर्नाटक के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा, निवेश को लेकर नई उम्मीदें

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रांची

झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को रांची स्थित चेम्बर भवन में अहम बैठक आयोजित की गई। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस संयुक्त बैठक में उद्योग, निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में झारखंड सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य के आर्थिक विकास का विजन सामने रखा और निवेशकों को राज्य में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया।

‘झारखंड एक औद्योगिक पावरहाउस’
उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक क्षमता से समृद्ध राज्य है। यहां विशाल खनिज भंडार मौजूद हैं और राज्य लंबे समय से औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन खनन से लेकर हाई-एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने का है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं
बैठक में बताया गया कि झारखंड में इको टूरिज्म, टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग सचिव ने कहा कि बेल्लारी खनन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी है, ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सहयोग से उद्योग जगत को बड़ा लाभ मिल सकता है।

निवेशकों को हरसंभव मदद का भरोसा
उद्योग निदेशक विशाल सागर ने प्रतिनिधियों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि झारखंड ने पहली बार दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी संभावनाएं रखीं।

झारखंड की नई औद्योगिक नीति पर नजर
झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की टेक्सटाइल नीति काफी आकर्षक है और जल्द ही नई औद्योगिक नीति भी आने वाली है, जो निवेशकों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर है और यहां कुशल मानव संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

कर्नाटक ने भी दिया निवेश का न्योता
बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित होने वाले MSME कॉन्क्लेव में शामिल होने का न्योता भी दिया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और संभावित औद्योगिक साझेदारी पर विचार साझा किए।

औद्योगिक सहयोग को मिलेगा नया आयाम
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने माना कि झारखंड और कर्नाटक के बीच यह संवाद भविष्य में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा। उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों के साथ दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।

 

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