8वें वित्त आयोग में शिक्षकों की सैलरी 1.34 लाख रुपये होने की चर्चा

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8वें वित्त आयोग में शिक्षकों की सैलरी 1.34 लाख रुपये होने की चर्चा
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नई दिल्ली

 8वें वित्त आयोग की एक महत्वपूर्ण मीटिंग 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में हुई। इस मीटिंग में कर्मचारी संगठनों ने वित्त आयोग के सामने कई बड़े मुद्दे उठाए। जिस पर अब पे कमीशन को फैसला करना है। अगर वित्त आयोग कर्मचारी संगठनों की बात मांग लेता है कि सरकारी शिक्षकों की शुरुआती सैलरी 1.34 लाख रुपये हो जाएगी।

8th Pay Commission: टीचर्स की सैलरी 134500 रुपये?
दिल्ली में हुई मीटिंग में कर्मचारी संगठनों ने शिक्षकों की सैलरी (लेवल 6) की बढ़ाकर 134500 रुपये करने की मांग की है। अगर यह डिमांड मान ली जाती है तब की स्थिति में शिक्षकों की सैलरी में तेज उछाल देखने को मिलेगा।

इसी मीटिंग में फिटमेंट फैक्टर को 2.62 से 3.83 करने की मांग की गई है। जोकि मौजूदा समय के फिटमेंट फैक्टर 2.57 से अधिक है। वहीं, इसके अलावा सालाना 6 से 7 प्रतिशत सैलरी इंक्रीमेंट की भी मांग संगठनों ने वित्त आयोग के सामने रखा है।

50% डीए होने पर बेसिक पे के साथ विलय (8th Pay Commission DA demands)
पे कमीशन से डीए को लेकर भी डिमांड की गई है। संगठनों ने कहा कि भत्ता 50 प्रतिशत होने पर इसे बेसिक पे के साथ मिला दिया जाए। ऐसा होने पर कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय अच्छा लाभ मिल सकता है।

HRA को 36% करने की मांग (8th Pay Commission HRA demands)
टीचर्स से जुड़े संगठनों ने HRA को 12 प्रतिशत, 24 प्रतिशत और 36 प्रतिशत करने की मांग की है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट भत्ता को बेसिक पे का 12 से 15 प्रतिशत करने की डिमांड की गई है।

रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाई जाए (8th Pay Commission pension demands)
शिक्षक संगठनों ने रिटायरमेंट की उम्र को बढ़ाकर 65 वर्ष करने की डिमांड की है। वहीं, ग्रेजुएटी लिमिट को भी 50 लाख रुपये करने की मांग हुई है। इन सबके अलावा संगठन ने एनपीएस और यूपीएस की जगह ओल्ड पेंशन स्कीम लाने की मांग की है।

इंटरनेट के लिए मिले 2000 रुपये हर महीने (8th Pay Commission internet demands)
डिजिटल अलाउंस के लिए शिक्षक संगठन ने हर महीने 2000 रुपये की मांग रखी है। छुट्टियों को भी बढ़ाने की मांग कर्मचारी संगठनों ने की है। बता दें, 8वें पे कमीशन का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था। इस आयोग के पास 18 महीने का समय है। इस दौरान वित्त आयोग सभी से बात करेगा और सुझाव मांगेगा। यही वजह है कि बीते दिनों वित्त आयोग की एक बैठक दिल्ली में हुई है।

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