नीट पेपर लीक विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले- पद मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं

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नई दिल्ली
नीट पेपर लीक को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर फिर से दोहराया कि नीट पेपर लीक के मामले में युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश हुई थी। इसके बाद देश और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

वरिष्ठ भाजपा नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर के जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को दिए अपने संबोधन के दौरान इस्तीफे पर पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जोर देकर कहा, "जेन जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं और वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।''

ओडिशा में प्रधान का विरोध कर रहे BJD कार्यकर्ता
बता दें, राष्ट्रीय स्तर पर विरोध का सामना कर रहे पूर्व शिक्षा मंत्री के लिए उनके गृह राज्य में भी हालात सामान्य नहीं है। क्षेत्रीय पार्टी बीजेडी के कार्यकर्ता उनके लगभग हर कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं। रायराखोल में ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह इन नारों से परेशान नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं एक किसान का बेटा हूं। भले ही आप मुझे वापस जाने के लिए कहें, मैं वापस नहीं जाऊंगा, मैं लौटकर आऊंगा।"

नवीन पटनायक पर लगाया लोगों को भड़काने का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक के ऊपर युवाओं को उनके खिलाफ बरगलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और एक बुरा व्यक्ति भी कहते हैं। क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े?" इस पर सभा में मौजूद लोगों ने जोर से "नहीं" में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि मैं राज्य के लिए सम्मान न ला रहा होऊं, लेकिन मैंने अपने काम से कभी भी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है। मैं कभी भी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हो।"

बता दें, जिस दौरान प्रधान यह बयान दे रहे थे उस दौरान मंच पर बीजेडी विधायक और ओडिशा विधानसभा के उपनेता प्रसन्ना आचार्य भी मौजूद थे।

इस्तीफे के बाद भी प्रधान ने छात्रों को गुमराह करने का लगाया था आरोप
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को सार्वजनिक करने के बाद भी बयान जारी किया था। उस दौरान भी उन्होंने छात्रों को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जेन जी को गुमराह किया गया है। लेकिन 20 जुलाई की घटना को देखते हुए और बच्चों और देश की सुरक्षा को ध्यान में रखकर वह इस्तीफा दे रहे हैं।

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