अवैध निर्माण पर दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन, अफसर भी होंगे जिम्मेदार

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अवैध निर्माण पर दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन, अफसर भी होंगे जिम्मेदार
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नई दिल्ली
 मालवीय नगर अग्निकांड जैसी घटनाएं रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण और सुरक्षा उल्लंघनों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में साफ किया गया कि अब केवल अवैध निर्माण करने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसा तंत्र विकसित करने की तैयारी की है, जिसमें जिम्मेदारी तय होने पर जेल, भारी जुर्माना और संपत्ति से वसूली तक की कार्रवाई की जा सकेगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि यह सुधार का अंतिम मौका है।

जिम्मेदारी तय होने पर जेल, भारी जुर्माना और संपत्ति से वसूली तक होगी
जिला स्तर पर संयुक्त जांच समितियां बनेंगी। ये अलग-अलग जगह निरीक्षण करेंगी

1. अब अफसर भी होंगे सीधे जिम्मेदार
अब अवैध निर्माण पर केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई नहीं होगी। अगर किसी अधिकारी की लापरवाही मिली तो उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत दो साल तक की सजा और जुर्माने जैसी कार्रवाई होगी।

2. ड्रोन और सैटेलाइट रखेंगे नजर
ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल मैपिंग से हर तीन महीने में कंस्ट्रक्शन का रिकॉर्ड तैयार होगा। कहीं नया निर्माण शुरू होते ही संबंधित अफसर को खुद सूचना मिलने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

3. ऊंची इमारतों की विशेष निगरानी
17.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। जहां भी नियमों के विरुद्ध निर्माण काम चल रहा हो, वहां तत्काल निर्माण रोकने, प्राथमिकी दर्ज करने और मालिक पर कार्रवाई की जाए।

4. होटल और ऊंची इमारतें रडार पर
जिला स्तर पर संयुक्त जांच समितियां बनेंगी। इनमें पुलिस, फायर सर्विस और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे। ये टीमें गेस्ट हाउस, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य कमर्शियल सेंटर्स का निरीक्षण करेंगी।

5. बिजली-पानी कनेक्शन पर सख्ती
जिन भवनों के पास वैध कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें नए बिजली-पानी कनेक्शन और NOC नहीं दिए जाएंगे। अवैध गेस्ट हाउसों और बड़े परिसरों की बिजली-पानी आपूर्ति बंद करने तक का फैसला लिया जा सकता है।

6. डीएम की शक्तियों में बढ़ोतरी
संबंधित प्रशासनिक जिलों में काम करने वाले किसी भी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, कर्तव्यों में विफल रहने वाले अफसरों के खिलाफ तत्काल एक्शन लेने की व्यापक शक्तियां डीएम के पास जल्द ही होंगी।

7. खानपुर और सैनिक फार्म इलाके में अवैध निर्माणों के खिलाफ ऐक्शन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर रविवार को भी संबंधित एजेंसियों ने साउथ दिल्ली के खानपुर और सैनिक फार्म क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

'सरकार लोगों की सुरक्षा के अपने संकल्प को पूरी गंभीरता के साथ लागू कर रही'
रविवार को खानपुर और सैनिक फार्म इलाकों में चलाए गए अभियान के दौरान संबंधित अधिकारियों ने ऐसे निर्माणों का निरीक्षण किया जो निर्धारित मानकों और स्वीकृत योजनाओं के खिलाफ पाए गए। मालवीय नगर के विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि सरकार लोगों की सुरक्षा के अपने संकल्प को पूरी गंभीरता के साथ लागू कर रही है।

1 जून से अब तक 128 प्रॉपर्टी सील, 97 पर चला बुलडोजर
एक जून से लेकर अब तक एमसीडी 128 प्रॉपर्टी को सील कर चुकी है, वहीं 97 प्रॉपर्टीज पर बुलडोजर ऐक्शन किया। एमसीडी ने रविवार को साउथ जोन के तहत आने वाले बेगमपुर, खानपुर और सैनिक फार्म इलाके में अवैध रूप से बनी छह प्रॉपर्टीज पर कार्रवाई की। इनमें से तीन पर बुलडोजर चला, जबकि अन्य तीन को सील किया गया। नजफगढ़ जोन में बेड एंड ब्रेकफास्ट का लाइसेंस लेकर चल रही 11 प्रॉपर्टीज को सील किया गया।

पटेल नगर में 4 होटल सील
रविवार को पटेल नगर में अभियान चलाकर 4 होटल सील किए गए। यह कार्रवाई पटेल नगर के एसडीएम डॉ. नितिन शाक्य के नेतृत्व में की गई।

 

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