विजय सरकार की कैबिनेट बैठक पर विवाद, भाजपा ने राज्यपाल से की शिकायत; बाहरी लोगों की मौजूदगी पर उठाए सवाल

Editor
3 Min Read

चेन्नई

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार एक नए राजनीतिक विवाद में घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में दो अनाधिकृत व्यक्तियों ने हिस्सा लिया, जो सीधे तौर पर संवैधानिक 'गोपनीयता की शपथ' का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर प्रदेश बीजेपी ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने विशेष रूप से जॉन आरोकियासामी और विष्णु रेड्डी का नाम लेते हुए दावा किया है कि ये दोनों अनाधिकृत व्यक्ति कैबिनेट की बैठक में मौजूद थे। नागेंद्रन का तर्क है कि ये व्यक्ति मंत्री पद से नहीं जुड़े हैं, इसलिए बैठक में उनकी उपस्थिति प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है।

इस मुद्दे पर नागेंद्रन ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति और तमिलनाडु प्रभारी अरविंद मेनन के साथ राज्यपाल अर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। लोक भवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञापन में कहा गया है कि मंत्रियों के अलावा दो निजी व्यक्तियों का बैठक में शामिल होना एक "अवैध कृत्य" है और यह भविष्य में दोबारा नहीं होना चाहिए।

सत्ताधारी TVK का स्पष्टीकरण
विपक्षी दल (BJP और DMK) लगातार आरोप लगा रहे हैं कि सत्ता के केंद्र में कुछ खास लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि, सत्तारूढ़ टीवीके ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आरोकियासामी और रेड्डी अब निजी व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।

बीजेपी द्वारा लगाए गए अन्य गंभीर आरोप
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान बीजेपी नेताओं ने राज्य सरकार पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। बीजेपी नेता ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन पर बच्चियों के प्रति "अनुचित व्यवहार" का गंभीर आरोप उठाया है। नागेंद्रन ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि टीवीके के सत्ता संभालने के मात्र 54 दिनों के भीतर आपराधिक गतिविधियों में भारी वृद्धि हुई है। इसमें 151 यौन उत्पीड़न, 85 से अधिक हत्याएं और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं शामिल हैं।

राज्यपाल के अधिकारों का बचाव
एक सवाल का जवाब देते हुए बीजेपी नेता नागेंद्रन ने मदुरै में स्थानीय अधिकारियों के साथ राज्यपाल अर्लेकर द्वारा की गई समीक्षा बैठक का भी बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत राज्यपाल के पास सरकारी कार्यक्रमों के निरीक्षण और पारदर्शिता की मांग करने का पूरा अधिकार है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live