खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद, स्टाफ ने जताई आपत्ति

Editor
4 Min Read

खैरागढ़.

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित तथ्यहीन एवं भ्रामक सामग्री को लेकर विश्वविद्यालय परिवार ने आपत्ति जताई है।

शिक्षकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था के संबंध में आरोप लगाए जाने से पहले उनके समर्थन में तथ्य, दस्तावेज और प्रमाण होना आवश्यक है। बिना साक्ष्य गंभीर आरोपों का प्रचार-प्रसार विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप नहीं है। विश्वविद्यालय परिवार के अनुसार, कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के कार्यकाल में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों ने समय पर परीक्षा परिणाम जारी किए जाने को भी प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि पूर्व वर्षों में परीक्षा परिणाम अक्टूबर तक लंबित रहने की स्थिति सामने आती रही है।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की व्यवस्था पर भी दी सफाई
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की व्यवस्था को लेकर शिक्षकों ने कहा कि यह आवश्यकता आधारित व्यवस्था है और पूर्व में भी विश्वविद्यालय में इसी प्रकार की व्यवस्था संचालित होती रही है। डीन की नियुक्ति लोकभवन स्तर से होने की बात कहते हुए शिक्षकों ने कहा कि इसे सीधे कुलपति के स्तर से जोड़ना उचित नहीं है। नियुक्तियों और पदोन्नति को लेकर दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात सीएसए पदोन्नति अथवा अन्य नियुक्तियों में किसी प्रकार की विसंगति होने की स्थिति में संबंधित दस्तावेज और प्रमाण सक्षम स्तर पर प्रस्तुत किए जाने की बात विश्वविद्यालय परिवार ने कही। शिक्षकों ने कहा कि विधिसम्मत शिकायत या जांच का विश्वविद्यालय परिवार स्वागत करता है लेकिन अनुमान और अपुष्ट जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर प्रचार करना उचित नहीं है।

निरीक्षण दल और शैक्षणिक योग्यता पर भी पक्ष रखा
शिक्षकों के अनुसार निरीक्षण दल में बाहरी सदस्यों की नियुक्ति संबंधित अध्यादेश में किए गए प्रावधानों के अनुरूप है। इसी तरह डॉक्टरेट योग्यताधारी व्यक्ति के मेट्रन पद पर होने को उन्होंने उच्च शैक्षणिक योग्यता का विषय बताया। उनका कहना है कि इसे अयोग्यता के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

रायगढ़ प्रस्तुति की राशि स्वैच्छिक दान होने का दावा
विश्वविद्यालय परिवार के अनुसार रायगढ़ की प्रस्तुति के दौरान प्राप्त सम्मान राशि संबंधित कलाकार द्वारा स्वेच्छा से दान की गई थी वहीं वर्तमान दीक्षांत समारोह का आयोजन पूर्व के दीक्षांत समारोह और खैरागढ़ महोत्सव की तुलना में कम व्यय में किए जाने की बात भी शिक्षकों ने कही।

सोशल मीडिया आईडी को बताया फर्जी
ग्राफिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित आईडी विश्वविद्यालय के किसी छात्र की नहीं है। इसे फर्जी बताया गया है। शिक्षकों ने कहा कि यदि फर्जी पहचान अथवा दस्तावेजों के माध्यम से विश्वविद्यालय की छवि प्रभावित करने का प्रयास किया गया है तो इसकी तथ्यात्मक जांच की जानी चाहिए। विश्वविद्यालय परिवार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक सामग्री पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी शिकायत अथवा आरोप के लिए विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। शिक्षकों के अनुसार शिकायतों की जांच और तथ्य सामने लाने के लिए सक्षम संस्थागत माध्यम उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live