दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला, नतीजों पर टिकी निगाहें

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 रांची
झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. राज्य के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है. अब सबकी नजरें मतगणना और नतीजों पर टिकी हैं. शाम चार बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और करीब सात बजे तक तस्वीर साफ हो जाएगी. अगले चार घंटे झारखंड की राजनीति के लिए सबसे बेचैन करने वाले साबित हो सकते हैं, क्योंकि दावे बहुत हैं और गणित उससे भी ज्यादा दिलचस्प है.

तीन उम्मीदवारों के बीच है मुकाबला
राज्यसभा चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. झामुमो ने बैजनाथ राम को प्रत्याशी बनाया है, कांग्रेस की ओर से प्रणव झा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी मैदान में हैं. दो सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में मुकाबला संख्या बल, रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग के इर्द-गिर्द घूम रहा है. यही वजह है कि मतदान समाप्त होने के बावजूद राजनीतिक हलचल थमी नहीं है.

रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी रही चर्चा में
इस बार राज्यसभा चुनाव के दौरान झारखंड में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी चर्चा का विषय बनी रही. मंगलवार से कांग्रेस और एनडीए के कई विधायकों को रांची के विभिन्न होटलों में ठहराया गया था. इसका मकसद विधायकों को एकजुट रखना और किसी भी तरह की राजनीतिक उठापटक से दूर रखना बताया गया. हालांकि झामुमो ने अपने विधायकों को किसी होटल या रिसॉर्ट में नहीं रखा. पार्टी नेतृत्व का कहना रहा कि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है.

हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका पर भी नजर
राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं ने भी राजनीतिक माहौल को गर्म रखा. कई नेताओं ने साफ कहा कि यदि इंडिया गठबंधन के निर्धारित 56 वोटों से अधिक या एनडीए के 24 वोटों से काफी ज्यादा मत सामने आते हैं, तो स्वाभाविक रूप से क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर सवाल उठेंगे. यही कारण है कि मतगणना शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा में कोई “खेला” होता है या फिर चुनावी मैदान में कोई “घोड़ा बिदक” जाता है.

इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन
81 सदस्यीय विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं. इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक शामिल हैं. इसी संख्या बल के आधार पर गठबंधन ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को जीत दिलाने का दावा इंडिया गठबंधन लगातार कर रहा है.

एनडीए के पास 24 वोट, नथवानी पर दांव
दूसरी तरफ एनडीए के पास कुल 24 वोट हैं. भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि आजसू, जदयू और लोजपा के एक-एक विधायक हैं. इसी समर्थन के आधार पर एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी का समर्थन किया है. हालांकि मौजूदा संख्या के आधार पर नथवानी की राह आसान नहीं मानी जा रही है. ऐसे में उनकी जीत की संभावना काफी हद तक अतिरिक्त समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर मानी जा रही है.

28 वोट का जादुई आंकड़ा करेगा फैसला
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का जादुई आंकड़ा पार करना जरूरी है. बैजनाथ राम की स्थिति सबसे मजबूत मानी जा रही है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और परिमल नथवानी के बीच असली मुकाबला माना जा रहा है. अब शाम सात बजे तक झारखंड की राजनीति की धड़कनें तेज रहेंगी. सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन राज्यसभा जाएगा, बल्कि यह भी है कि क्या संख्या का गणित जीत जाएगा या फिर राजनीति का रसायन एक बार फिर सबको चौंका देगा. आखिर लोकतंत्र में बैलेट बॉक्स खुलने तक हर दावा सिर्फ दावा ही होता है, नतीजा नहीं.

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