मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर

Editor
2 Min Read

मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर

मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

डॉ. वर्णिका शर्मा के निरीक्षण में मदरसों की अव्यवस्था आई सामने

बाल संरक्षण मानकों में मिली कमियां, सुधार के दिए निर्देश

रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में रायपुर स्थित दो मदरसों एवं यतीमखानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।  निरीक्षण के दौरान बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन एवं दारुल यतामा में बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी एवं असंतुलित पाई गई। निरीक्षण में परिसर एवं रसोईघर में गंदगी, स्वच्छ पेयजल की कमी तथा अस्वच्छ भोजन व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मदरसों में बच्चों से सफाई एवं अन्य दैनिक कार्य कराए जा रहे हैं, जिसे बाल अधिकारों के विरुद्ध माना गया।

डॉ वर्णिका शर्मा ने संस्था प्रबंध को आदेशित किया है कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य नहीं कराया जाए तथा बाल संरक्षण संबंधी सभी मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इसके अलावा खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर भी चिंता व्यक्त की। बाल आयोग ने संबंधित संस्थानों को तत्काल निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।आयोग द्वारा संबंधित अधिकारियों को और  मदरसे को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित अवधि में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live