कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे: कारोबारियों पर बढ़ा दबाव, खाने-पीने की चीजें हो सकती हैं महंगी

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कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे: कारोबारियों पर बढ़ा दबाव, खाने-पीने की चीजें हो सकती हैं महंगी
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अमृतसर.

कमर्शियल एल.पी.जी. गैस सिलेंडरों की लगातार बढ़ती कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को एक बार फिर बड़े संकट में डाल दिया है। पहले ही गैस सिलेंडरों की कमी के कारण ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर कारोबारियों को अब सरकारी रेट में हुए इजाफे ने दोहरा झटका दिया है।

इस समय एल.पी.जी. गैस सिलेंडर कमर्शियल की कीमत 3178 रुपए हो गया है, एकदम से 993 रुपए बढ़ने से इंडस्ट्री में भूचाल आ गया है। बढ़ती लागत के चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजगार का एक बड़ा स्रोत माना जाता है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। लेकिन गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ौतरी ने इस उद्योग पर भारी दबाव बना दिया है।

कारोबारियों का कहना है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडरों की लागत कई गुना बढ़ गई है, जबकि ग्राहकों की संख्या और आमदनी में उस हिसाब से बढौतरी नहीं हो रही। ऐसे में मुनाफा लगातार घटता जा रहा है और कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। पिछले कुछ समय से कई इलाकों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की शॉर्टेज भी देखने को मिली थी। इस कमी के चलते कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपना काम जारी रखने के लिए ब्लैक में ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़े। कई बार तो सरकारी रेट से सैंकड़ों रुपए ज्यादा देकर सिलेंडर लेने पड़े ताकि कारोबार बंद न हो। अब जब सरकारी स्तर पर ही कीमतों में बढ़ौतरी कर दी गई है, तो ब्लैक में सिलेंडर खरीदने वालों की परेशानियां और भी बढ़ गई हैं।

होटल कारोबारी अनिल सूरी का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो छोटे और मध्यम स्तर के होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। कई छोटे कारोबारी पहले से ही बढ़ते बिजली बिल, कर्मचारियों के खर्च और अन्य महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

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