लखनऊ में सीएम योगी ने 500 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

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लखनऊ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के नव चयनित लेखा परीक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव वित्त संदीप कौर, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि उपस्थित थे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते भारत के साथ उत्तर प्रदेश ने भी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश का अंतर किसी से छिपा नहीं है और यह परिवर्तन हर क्षेत्र में देखने को मिला है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता कानून का राज और सुरक्षा होती है, लेकिन इसके साथ ही बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। यदि वित्तीय अनुशासन नहीं होता और बिना बजट के खर्च होते, तो उत्तर प्रदेश आज बीमारू राज्य की छवि से बाहर नहीं निकल पाता।

योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित करीब 500 नव चयनित युवाओं के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन का उदाहरण जेपीएनआइसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) है। जिसकी प्रारंभिक लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 860 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना आज भी अधूरी है।

मुख्यमंत्री ने 2017 के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कोई बैंक उत्तर प्रदेश को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया कि बिना कर्ज लिए वित्तीय अनुशासन के साथ विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है।

उदाहरण देते हुए उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख किया, जो करीब 600 किलोमीटर लंबा है और जिस पर 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इसके साथ ही नौ इंडस्ट्रियल और लाजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए 7000 एकड़ भूमि ली गई है। कुल मिलाकर इस परियोजना पर लगभग 42 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बड़े प्रोजेक्ट के लिए बैंक स्वयं निवेश की पेशकश करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर वित्तीय प्रबंधन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के कई घोटाले हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने वित्तीय कुप्रबंधन को सुधारते हुए प्रदेश को अनुशासित वित्तीय ढांचे में आगे बढ़ाया है, जिसके परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

वित्तमंत्री के जिले में किसका चयन हुआ उन्हें भी नहीं पता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले हर पेपर लीक हो जाता था लेकिन अब इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई है। उन्होंने वित्त मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि शाहजहांपुर से कई कैंडिडेट चयनित हुए हैं। वित्त मंत्री वहीं के हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि किसका चयन हो रहा है। पहले पेपर लीक होता था तो जो बचा रहता था वह चाचा भतीजे पूरा कर देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ की मुस्लिम बेटी का चयन हुआ है।

यह सबूत है कि कहीं किसी भी तरह का भेदभाव नहीं हुआ है। इसके लिए बोर्ड को बधाई। जो भी युवा योग्य होगा उसे नौकरी मिलेगी और अयोग्य लोगों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वालों में बड़ी संख्या में बेटियां है।

यह साबित करता है कि बेटियां किसी से पीछे नहीं हैं और उन्हें हर हाल में अधिकार देना पड़ेगा। कोई कितना भी विरोध कर ले, लेकिन बेटियों को कोई पीछे नहीं कर सकता है।

 

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