अयोध्या में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, राम मंदिर विवाद पर SIT जांच का दिया भरोसा

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अयोध्या
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम का नारा लगाने वालों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे

सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी
योगी कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है। कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए गए थे। आज वही लोग अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास चंदा या चढ़ावा चोरी से संबंधित कोई सबूत है तो वह जांच एजेंसी को सौंपे। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा।

अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आए- योगी
उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हुआ।

झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
इससे पहले मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या धाम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण किया और वीरांगना झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

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