मुख्यमंत्री डॉ. यादव के किसान हितेषी फैसले से इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर को मिली रफ्तार

Editor
3 Min Read
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के किसान हितेषी फैसले से इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर को मिली रफ्तार
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के किसान हितेषी फैसले से इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर को मिली रफ्तार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 मई को प्रथम चरण का करेंगे भूमिपूजन

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट को गति देने के लिए किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने जमीन देने वाले भू-स्वामियों को मिलने वाली विकसित जमीन का हिस्सा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से किसानों का भरोसा बढ़ा है और वे प्रोजेक्ट में स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं।

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली प्रमुख परियोजना है। इस परियोजना में 75 मीटर चौड़ी और 20 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर क्षेत्र में सुनियोजित विकास किया जाएगा। परियोजना में 1300 हैक्टेयर से अधिक भूमि शामिल है और इसकी कुल लागत 2360 करोड़ रु. निर्धारित की गई है। इसके माध्यम से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती भू-स्वामियों से सहमति के साथ जमीन प्राप्त करना थी, क्योंकि शहर के समीप होने के कारण भूमि का बाजार मूल्य अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस स्थिति को समझते हुए किसानों के हित में बेहतर निर्णय लिया। इससे विकास और किसानों के हितों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस निर्णय के बाद किसानों की भागीदारी में तेजी आई है।

योजना में किसानों को उनकी जमीन के बदले विकसित जमीन दी जाती है, यानी ऐसी जमीन जिसमें सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों। अब 60 प्रतिशत विकसित जमीन मिलने से किसानों को भविष्य में अधिक मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे इस जमीन का उपयोग आवासीय, वाणिज्यिक या अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेंगे, जिससे उनकी आय के स्थायी स्रोत बनेंगे।

परियोजना के प्रथम चरण का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 3 मई को सेक्टर-ए, ग्राम नैनोद, इंदौर में किया जाएगा। प्रथम चरण की लागत 326.51 करोड़ रु. है, जिसके तहत प्रारंभिक अधोसंरचना विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

परियोजना से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना विकसित होगी, कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

जिला प्रशासन और एमपीआईडीसी द्वारा भू-स्वामियों से लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है और उन्हें योजना के लाभों की जानकारी दी जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और किसान इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।

 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *