मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती कर रही उन्नतशील कृषि सखियों से किया संवाद

Editor
6 Min Read

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती के पर्याप्त अवसर हैं। प्राकृतिक खेती न सिर्फ सेहत के लिए, बल्कि अच्छी आमदनी का भी अवसर प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत सभी आवश्यक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में प्रदेश स्तरीय "स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम" में शामिल हुए। यहां उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई प्राकृतिक खेती कर रहीं उन्नतशील कृषि सखियों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने किसानों के अनुभव जाने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने की जीवामृत और बीजामृत बनाने का प्रशिक्षण देने वाली उन्नत कृषि सखियों के कार्यों की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम देवीगढ़, विकासखंड मेघनगर की उन्नतशील कृषि सखी मती संगीता डामोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उनके अनुभवों एवं प्रयासों की सराहना की। संवाद के दौरान मती डामोर ने बताया कि उन्होंने कृषि सखी के रूप में प्राकृतिक खेती का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे अपने गांव एवं आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान बनाने की विधियां बता रही हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रही हैं तथा पिछले चार वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़कर नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अन्य किसानों तक भी पहुंचा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि प्राकृतिक खेती एवं बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन रही है। मती डामोर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री स्वयं कृषि सखियों से पास पहुंच कर की चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं कृषि सखियों के पास जाकर उनसे प्राकृतिक खेती के अनुभवों को जाना और प्राकृतिक खेती से होने वाली आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने सभी बहनों को आगामी रक्षाबंधन के त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

प्रगतिशील किसान विमल ने अपनाई प्राकृतिक खेती, दोगुना आर्थिक लाभ लेने लगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले के विकासखंड झाबुआ के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील कृषक  विमल भाबोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उनसे प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा, खेती में आए बदलाव, आय में हुई वृद्धि तथा अन्य किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान  विमल भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है तथा वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, भ्रमण एवं कृषक संगोष्ठियों से उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। वे पिछले पाँच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।  भाबोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक आदानों का निर्माण किया जाता है। इनका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में वे प्राकृतिक विधि से सब्जियों, फलों एवं अन्य फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख से 1.50 लाख रुपये हो गई है। इसके अतिरिक्त मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र से 5 हजार 500 रुपये, नर्सरी से लगभग 1.50 लाख रुपये, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों से लगभग 1.60 लाख रुपये तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद से लगभग 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक  विमल भाबोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने  भाबोर से अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

कृषक  विमल भाबोर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार की योजनाओं से उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है।

इस दौरान प्रभारी मंत्री  विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया, संभागायुक्त  भास्कर लक्षकार, आईजी  अनुराग,कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, एसपी  देवेंद्र पाटीदार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live