दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी तय नहीं, लेकिन प्रचार तेज! नरोत्तम की 2 सभाएं, कांग्रेस का डोर-टू-डोर अभियान

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दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी तय नहीं, लेकिन प्रचार तेज! नरोत्तम की 2 सभाएं, कांग्रेस का डोर-टू-डोर अभियान
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दतिया 

 दतिया में हो रहे उपचुनाव का प्रत्याशी अभी किसी दल ने घोषित नहीं किया है, लेकिन चुनावी लड़ाई सड़कों पर उतर चुकी है। कहीं सभाएं हो रही हैं तो कहीं घर-घर दस्तक देकर वोट मांगे जा रहे हैं। भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने नामांकन फॉर्म खरीदने के साथ चुनावी सभाओं का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस में टिकट के दावेदार जनसंपर्क के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। वहीं, आजाद समाज पार्टी दावा कर रही है कि उसने चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। अब तक विधानसभा के 70 फीसदी हिस्से में पहुंच बना चुकी है।

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की पहली परीक्षा
कांग्रेस के लिए दतिया विधानसभा उपचुनाव सिर्फ एक सीट बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि राहुल गांधी की पहल पर शुरू किए गए 'संगठन सृजन अभियान' की पहली बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है। बूथ से लेकर ग्राम स्तर तक नए संगठनात्मक ढांचे के गठन का दावा करने वाली कांग्रेस अब इस मॉडल की प्रभावशीलता को चुनावी मैदान में परखने जा रही है।

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई है। पार्टी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। हालांकि, स्थानीय संगठन और राजेंद्र भारती के बीच पूर्ण सामंजस्य नहीं होने की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में बनी हुई हैं।

हार के बाद संगठन पर फोकस
वर्ष 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने संगठन की कमजोरी को प्रमुख कारण माना था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की समीक्षा के बाद संगठन सृजन अभियान शुरू किया गया। इसके तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में जिला अध्यक्षों का चयन किया गया और नई जिला कार्यकारिणी तथा ब्लॉक इकाइयों का गठन हुआ।

इन्हीं इकाइयों ने आगे बूथ और पंचायत स्तर तक समितियों का गठन किया। पार्टी का दावा है कि नया संगठन व्यक्तिगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल कांग्रेस की जीत के लिए काम करेगा, चाहे उम्मीदवार कोई भी हो।

बड़े मंच नहीं, मोहल्ला बैठकों पर रहेगा जोर
प्रदेश कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए प्रचार की रणनीति भी बदल दी है। इस बार बड़ी जनसभाओं के बजाय मोहल्ला बैठकें, घर-घर संपर्क और मतदाताओं से सीधे संवाद पर अधिक जोर दिया जाएगा। जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह चुनाव तक दतिया में सक्रिय रहेंगे। वहीं, सचिन यादव समेत युवा नेताओं की टीम भी चुनाव प्रचार की कमान संभालेगी।

नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक
कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी. हालांकि भारती के लिए एक एक दिन भारी हो रहा है. क्योंकि दतिया सीट खाली घोषित होने के बाद उपचुनाव के लिए 13 जुलाई नामांकन की अंतिम तारीख है। 

हाईकोर्ट में भारती ने अपनी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाने और दतिया उपचुनावों के मद्देनजर राहत की गुहार लगाई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले उनकी 3 साल की जेल की सजा को निलंबित कर दिया था. लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मुख्य अर्जी पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। 

इस मामले में कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. आयोग भी अपना जबाव पेश कर रहा है. आयोग ने 30 जुलाई को दतिया में उपचुनाव के लिए मतदान का कार्यक्रम भी घोषित कर रखा है। 

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल जज पीठ ने पहले उनकी 3 साल की जेल की सजा को तो निलंबित यानी सस्पेंड कर दिया था. लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मुख्य अर्जी पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। 

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 1 अप्रैल 2026 को राजेंद्र भारती को एक दशक पुराने कॉपरेटिव बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले और धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाया था. इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को उन्हें 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी। 

भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून के नियमों के तहत 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलने के कारण मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द (अयोग्य घोषित) कर दी थी. इसके साथ ही दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया था। 

राजेंद्र भारती की कानूनी टीम लगातार कोर्ट से दोषसिद्धि (Conviction) पर स्टे लगाने की मांग कर रही है, क्योंकि जब तक दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगती, तब तक उनकी विधायकी बहाल नहीं हो सकती. न ही वे आगामी चुनाव लड़ सकते हैं. दतिया उपचुनाव के लिए मैदान 30 जुलाई को और नतीजे 3 अगस्त 2026 को आएंगे। 

नरोत्तम ने मंच से पुरानी गलतियों के लिए मांगी माफी
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम पार्टी की ओर से घोषित नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने चुनावी मैदान संभाल लिया है। आमसभा के जरिए वे लोगों से जुड़ रहे हैं। अब तक वे दो सभा कर चुके हैं।

    पहली सभा : चुनाव की घोषणा होते ही डॉ. मिश्रा ने ठंडी सड़क पर छोटे फुब्बारे के पास की थी। उन्होंने लोगों से कहा- मुझसे जो पूर्व में गलती हुई है, उसे क्षमा करें। मैं अपने आचार-विचार में परिवर्तन लाया हूं। अगर आप मेरे घर आते हैं तो विश्वास रखिया में खड़ा रहूंगा और आप को बैठाऊंगा।

    दूसरी सभा : रावतपुरा कॉलेज की सभा में बोले- कांग्रेस जो 70 करोड़ की खरीद-फरोख्त की बात कह रही है। भाजपा रद्दी माल नहीं लेती है। उन्होंने कहा था कि, मेरे पास केंद्रीय मंत्री का पीए आया था। आज तक बता नहीं सके कि वह कौन सा पीए था।

आजाद समाज पार्टी का फोकस गांव में ज्यादा
आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव कहते हैं कि जब राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हुई थी, तभी से हमने चुनाव-प्रचार शुरू कर दिया था। हमारी पूरी तैयारी है। गांव-गांव जाकर हमारे कार्यकर्ता लोगों से मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा के करीब 70 प्रतिशत तक गांव में जनसंपर्क कर चुके हैं। हमारी सभाएं लगातार जारी हैं।

 

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