नौतपा की भीषण गर्मी से बालाघाट बेहाल, मलाजखंड में पारा 45 डिग्री पार

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बालाघाट

सोमवार को नौतपा का पहला दिन जमकर तपा, मलाजखंड कॉपर माइंस स्थित वेदशाला (ऑब्जर्वेटरी) में सोमवार को अधिकतम तापमान 45 तथा न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को भी प्रचंड गर्मी ने सबको बेहाल कर दिया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को मोती तालाब में 50 से अधिक चमगादड़ों की मौत भी हीटवेव की वजह से हुई है। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग ने इसकी पुष्टि की है।

वरिष्ठ पशु चिकित्सक व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. घनश्याम परते ने बताया कि जांच में चमगादड़ों की मौत की वजह हीटवेव सामने आई है। 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक का तापमान ऐसे पक्षियों के लिए घातक होता है। हैरानी करने वाली बात है कि मोती तालाब में 12-15 नहीं, बल्कि 50 से 60 चमगादड़ों की मौत हीटवेव के कारण हुई है। बता दें कि दो वर्ष पूर्व बिरसा क्षेत्र में भी गर्मी के कारण बड़ी संख्या में चमगादड़ सहित अन्य पक्षियों की मौत हुई थी। मंगलवार को भीषण गर्मी के कारण सड़कें सूनी रहीं। झुलसा देने वाली गर्मी और कड़ी धूप ने लोगों का घरों से निकलना बंद कर दिया है। कूलर बेअसर साबित हो रहे हैं।

अगले पांच दिन गर्मी और वर्षा: मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान

भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र से राहतभरी खबर आई है। मौसम विज्ञान विभाग, दिल्ली से भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय को प्राप्त पांच दिवसीय मौसम पूर्वानुमान में बालाघाट में मौसम परिवर्तन की संभावना जताई गई है। बालाघाट में 31 मई तक विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा, तेज आंधी, बिजली गिरने तथा गर्म हवाओं की संभावना रहेगी।

कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव के वैज्ञानिक धर्मेन्द्र अगासे ने बताया कि आगामी दिनों में हवा की गति लगभग 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हीटवेव एवं गर्म रात की स्थिति भी बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 44.7 से 45.9 तथा न्यूनतम 27.3 से 28.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं चमगादड़, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. घनश्याम परते ने बताया कि जिले में अत्यधिक गर्मी पड़ने से पशु-पक्षियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। गर्मी में तालाब के आसपास तापमान और बढ़ जाता है। चूंकि, चमगादड़ काले होते हैं, इसलिए वह अन्य पक्षियों की तुलना में अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं। 43-44 डिग्री सेल्सियस का तापमान ऐसे पक्षियों के लिए जानलेवा होता है।

रविवार को बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ों को जिला पशु चिकित्सालय लाया गया, जहां डॉ. परते के निर्देशन में डॉ. पूजा धुर्वे व उनकी टीम ने चमगादड़ों की जांच की, जिसमें हीटवेव को उनकी मृत्यु की वजह माना गया।
गर्मी व मौसम को लेकर एडवाइजरी जारी

    तेज आंधी व वर्षा को देखते हुए खेतों में रखी उपज एवं कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
    बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों एवं पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
    पशुपालकों को गर्मी व लू से बचाव के लिए पशुओं को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।
    पशु और पक्षियों को छायादार स्थानों में रखें।
    आमजन दोपहर में अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। अधिक पानी पीएं।

 

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