गर्मी बढ़ते ही बढ़े तेज बुखार के मरीज, मुख्यमंत्री सेहत योजना में फेब्राइल इलनेस के सबसे ज्यादा केस

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चंडीगढ़.

राज्य में बदलते तापमान और उमसभरी गर्मी के आगमन के साथ एक बार फिर मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। 'मुख्यमंत्री सेहत योजना'' के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार महीनों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस कैशलेस इलाज दावों की सबसे बड़ी श्रेणियों में शामिल रहीं।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, एक्यूट फेब्राइल इलनेस के 5,840 मामले दर्ज किए गए, जिन पर 1.31 करोड़ के दावों का भुगतान किया गया।

एक्यूट फेब्राइल इलनेस कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि अचानक तेज बुखार के साथ उत्पन्न होने वाली एक ऐसी स्थिति है जिसमें कई तरह की बीमारियां शामिल हो सकती हैं। यूएस सेंटर्स फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, ऐसी स्थितियां वायरल, बैक्टीरियल या परजीवी संक्रमणों के कारण हो सकती हैं। कई बार मरीज बुखार को मुख्य लक्षण के रूप में लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, जबकि संक्रमण का मूल कारण शुरुआती अवस्था में स्पष्ट नहीं हो पाता। इसके अलावा, पानी से फैलने वाले और श्वसन संबंधी बीमारियों के भी उल्लेखनीय मामले सामने आए। एंटरिक फीवर के 1,396 मामले दर्ज हुए, जिन पर 30.47 लाख रुपए के दावे किए गए। निमोनिया के 377 मामलों पर 11.06 लाख, जबकि एक्यूट ब्रोंकाइटिस के 326 मामलों पर 9.24 लाख रुपए खर्च हुए। वहीं मानसून के दौरान अक्सर चर्चा में रहने वाली बीमारियों के मामले अपेक्षाकृत सीमित रहे।

डेंगू के सिर्फ 12 मामले आए सामने
डेंगू के केवल 12 मामले दर्ज हुए, जिन पर 40,880 का दावा हुआ। मलेरिया के सिर्फ 3 मामले, चिकनगुनिया के 6 मामले, और हीट स्ट्रोक के 4 मामले सामने आए, जो अत्यधिक गर्मी से संबंधित अस्पताल भर्ती की तुलनात्मक रूप से कम संख्या को दर्शाते हैं। सिविल अस्पताल, पटियाला के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा विकास गोयल ने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष ओपीडी में दिखाई देने वाले समान्य मौसमी दबाव को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश मामले प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर आसानी से संभाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण एक्यूट फेब्राइल इलनेस, उल्टी,दस्त, सिरदर्द, श्वसन संक्रमण और त्वचा व आँखों से जुड़ी एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं। गरम मौसम के कारण लोग अक्सर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

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