नवीन न्याय संहिताओं को करीब से जानने का अवसर—बीएचईएल दशहरा मैदान में भव्य प्रदर्शनी

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भोपाल
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 03 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान पर नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सात अक्टूबर तक चलने वाली यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों को नवीन न्याय संहिताओं, आधुनिक पुलिसिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक तथा न्याय प्रक्रिया की जानकारी सहज एवं व्यावहारिक रूप से उपलब्ध कराना है।

प्रदर्शनी में अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को विभिन्न मॉडल, डिजिटल तकनीक एवं सजीव प्रस्तुतियों के माध्यम से समझाया जा रहा है।

14 विशेष ज़ोन में न्याय व्यवस्था का सजीव प्रदर्शन
प्रदर्शनी में बनाए गए 14 विशेष ज़ोन नागरिकों को न्याय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराते हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

क्राइम सीन एवं फॉरेंसिक जाँच: 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल की वैज्ञानिक जाँच, साक्ष्य संकलन तथा आवश्यक वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया है। इससे नागरिकों को यह समझने का अवसर मिलता है कि किसी अपराध की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों की क्या भूमिका होती है।

डायल-112 एवं स्टेट कमांड सेंटर: आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, कॉल रिसीविंग, रिस्पॉन्स व्हीकल की तैनाती तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया प्रदर्शित की जा रही है।

पुलिस थाना एवं न्यायालय मॉडल: पुलिस थाने की कार्यप्रणाली के साथ ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर सहित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही न्यायालय में होने वाली सुनवाई एवं न्यायिक प्रक्रिया को मॉडल के माध्यम से सरल रूप में समझाया गया है।

फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL): डीएनए, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक तथा डिजिटल फॉरेंसिक जैसे वैज्ञानिक माध्यमों से अपराधों की जाँच किस प्रकार की जाती है, इसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा जागरूकता: ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए ‘सेफ क्लिक अभियान’ के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। महिला हेल्प डेस्क एवं महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

लाइव डिजिटल क्विज़: विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए कानून और नागरिक अधिकारों से संबंधित रोचक डिजिटल क्विज़ की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से मनोरंजक तरीके से कानूनी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से समझाई जा रही है पूरी न्याय प्रक्रिया
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण सजीव नाट्य मंचन है। स्थानीय रंगकर्मियों के साथ पुलिस अधिकारियों, डॉक्टर्स एवं अभियोजन अधिकारियों की सहभागिता से न्याय प्रक्रिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से अपराध की घटना, पुलिस को सूचना, घटनास्थल की जाँच, चिकित्सकीय परीक्षण, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, विवेचना, अभियोजन तथा न्यायालयीन कार्यवाही जैसे विभिन्न चरणों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया जाएगा।

सजीव नाट्य मंचन प्रतिदिन चार निर्धारित समय पर किया जाएगा—
सुबह 11:30 बजे
दोपहर 1:00 बजे
दोपहर 3:30 बजे
शाम 5:00 बजे

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नागरिकों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि किसी अपराध के घटित होने से लेकर न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विभिन्न विभाग एवं विशेषज्ञ किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करते हैं।

विद्यार्थियों एवं परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी
प्रदर्शनी में नवीन न्याय संहिताओं को कानूनी प्रावधानों के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनके व्यावहारिक उपयोग को भी समझाया जा रहा है। विद्यार्थी यहां आधुनिक पुलिसिंग, फॉरेंसिक तकनीक एवं न्याय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जबकि आम नागरिक अपने अधिकारों, पुलिस सेवाओं और न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, कानून के विद्यार्थियों तथा पुलिसिंग एवं न्याय व्यवस्था में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी यह प्रदर्शनी विशेष रूप से उपयोगी है।

आमजन से परिवार सहित प्रदर्शनी देखने की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि बीएचईएल दशहरा मैदान, भोपाल में 7 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रदर्शनी में परिवार एवं बच्चों के साथ अवश्य आएं। प्रदर्शनी में प्रवेश निःशुल्क है।

नवीन न्याय संहिताओं, नागरिक अधिकारों, आधुनिक पुलिसिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं न्याय प्रक्रिया को करीब से समझने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। विशेष रूप से सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से न्याय व्यवस्था को सरल एवं रोचक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।

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