बंगाल में CM का फैसला करेंगे अमित शाह, असम में जेपी नड्डा को मिली जिम्मेदारी

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बंगाल में CM का फैसला करेंगे अमित शाह, असम में जेपी नड्डा को मिली जिम्मेदारी
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नई दिल्ली 

पश्चिम बंगाल में अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाया गया है। इसके अलावा मोहन चरण माझी को शह पर्यवेक्षक की भूमिका सौंपी गई है। यह दोनों बंगाल में विधायक दल के नेता का चयन करेंगे। वहीं, असम  जेपी नड्डा को नियुक्त किया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में अपने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पार्टी का केंद्रीय पर्यवेक्षक नामित किया। पार्टी ने असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा को भी केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को असम में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पश्चिम बंगाल में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

बंगाल में भाजपा की बंपर जीत

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फालता में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं।

असम में हैट्रिक

बात असम की करें तो यहां पर एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है। उसने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने हाल के समय का अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिन 90 सीट पर चुनाव लड़ा उनमें से 82 पर जीत हासिल की। जबकि उसके सहयोगी दलों – बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 11 सीट पर चुनाव लड़ा और 10 सीट पर जीत हासिल की। असम गण परिषद (अगप) ने 26 सीट पर चुनाव लड़ा जबकि 10 सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा ने राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया। इससे पहले उसने 2021 और 2016 में 60 सीट जीती थीं।

 

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