बिहार बंद को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलों में चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश जारी

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पटना
आज 25 जुलाई को आइसा की ओर से आहूत बिहार बंद को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को चौबीसों घंटे जिलों की स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बुधवार और गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य के कई जिलों में आनंदोलन के नाम पर जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने पुलिस, पदाधिकारी के साथ मीडिया को भी निशाना बनाया।

शुक्रवार को मुख्य सचिव ने नीट प्रदर्शनों के मद्देनजर अधिकारियों संग बैठक की और संवेदनशीलता, संवाद और कड़े सुरक्षा इंतजामों के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने कहा कि ध्यान रखा जाए कि निर्दोष छात्रों को कोई परेशानी न हो। वीडियो कांफ्रेंसिंग से आयोजित बैठक में डीजीपी विनय कुमार भी थे। डीजीपी विनय कुमार ने निर्देश दिया कि जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। कुंदन कृष्णन ने छात्रों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और स्थिति को संवाद के माध्यम से संभालने पर बल दिया। छात्रों और छात्र नेताओं से सीधे बातचीत करें। उनकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनें।

पटना में खास चौकसी
नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए उपद्रव के बाद पटना जिला प्रशासन और पुलिस विशेष रूप से चौकस है। वहां राज्य भर से प्रदर्शनकारी जुटते हैं। शुक्रवार की शाम डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने शनिवार को प्रस्तावित बिहार बंद और प्रदर्शन से पूर्व तैयारियों पर बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता की।

पटना में अबतक 22 एफआईआर, 60 गिरफ्तारी
डीएम ने कहा कि हिंसा व तोड़-फोड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी ने कहा कि अब तक कुल 22 एफआईआर 60 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। डीएम-एसएसपी ने छात्र संगठनों के साथ बैठक की। डीएम ने अभिभावकों से बच्चों का सही मार्गदर्शन करने की अपील की।एसएसपी ने बताया कि पटना में हिंसा भड़काने के लिए दूसरे राज्यों और बाहरी शहरों से भी कई लोग आए थे। छिपकर राहगीरों, प्रेस प्रतिनिधियों को चोट पहुंचाई तथा गाड़ियों में तोड़फोड़ की।

आइसा का बिहार बंद, महागठबंधन का समर्थन
नीट पेपर लीक और दिल्ली से पटना तक छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज के विरोध में आइसा के 25 जुलाई के बंद को राजद, वीआईपी, भाकपा माले और माकपा समेत कई दलों ने समर्थन दिया। भाकपा–माले के राज्य सचिव कुणाल ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन गंभीर चिंता का विषय है। पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि हमारे नेता मुकेश साहनी हमेशा छात्रों के साथ खड़े रहते हैं। केन्द्र सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ आज पूरा देश एक साथ छात्रों के पक्ष में खड़ा है। माकपा ने नीट पेपर लीक के खिलाफ देश भर में चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। शुक्रवार को भाकपा के राज्य सचिव ललन चौधरी ने राज्यवासियों से भी बंद का समर्थन करने की अपील की।

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