पंजाब में टूट रोकने में जुटी AAP, सिसोदिया ने जालंधर तलब किए सभी विधायक; 7 सांसद BJP में हुए शामिल

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पंजाब में टूट रोकने में जुटी AAP, सिसोदिया ने जालंधर तलब किए सभी विधायक; 7 सांसद BJP में हुए शामिल
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जालंधर

राघव चड्‌ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में टूट रोकने में जुट गई है। AAP के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कल (29 अप्रैल) को सभी विधायक जालंधर तलब कर लिए हैं। मीटिंग में CM भगवंत मान भी शामिल रहेंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी माना जा रहा है कि इसमें 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। जालंधर में इससे पहले हुई मीटिंग को लेकर मीडिया ने दावा किया गया था कि उसमें CM ने 5-5 हजार रुपए तक रिश्वत लेने को लेकर विधायकों को फटकार लगाई थी।

पंजाब में AAP में टूट की चर्चा क्यों?

    राघव चड्‌ढा की 60+ विधायकों से करीबी का दावा: राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा जॉइन कर ली। इस दौरान चड्‌ढा के करीबियों के जरिए दावा किया गया कि पंजाब के मौजूदा 94 AAP विधायकों में से 60+ विधायक राघव चड्‌ढा के संपर्क में हैं। इससे पंजाब में AAP की सरकार को संकट हो सकता है। हालांकि चड्‌ढा ने इसको लेकर खुलकर कुछ नहीं कहा है।

    संदीप पाठक के पास सबका बायोडेटा: राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने भी भाजपा जॉइन की। वह पंजाब में AAP की स्ट्रेटजी बनाने का काम करते थे। उनके करीबियों का दावा है कि पाठक के पास पंजाब के हर AAP विधायक का बायोडेटा है। इसमें सिर्फ उनका प्रोफाइल ही नहीं बल्कि उनके हर तरह के कामों की जानकारी पाठक को है। यह भी चर्चा है कि AAP की तरफ से जो विधानसभा क्षेत्रवाइज टीम लगाई गई है, उनकी नियुक्ति भी संदीप पाठक ने ही की है। ऐसे में पाठक AAP को झटका दे सकते हैं।

    बाजवा ने कहा- 60-65 MLA पलटी मारने की तैयारी में: पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि AAP के 60 से 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में हैं। बाजवा ने यह भी कहा कि सीएम भगवंत मान महाराष्ट्र की तरह पंजाब के एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। बाजवा ने पार्टी छोड़ने वाले AAP के 7 सांसदों को लेकर कहा था कि वे पैसे देकर सांसद बने थे। अब जहां से बड़ा खरीदार मिल गया है, वे वहां चले गए हैं। जैसे शेयर मार्केट में होता है, सस्ता शेयर खरीदा था, जब उसका रेट बढ़ गया तो उसे बेच दिया।

क्या वाकई विधायक AAP छोड़ सकते हैं?

सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं।

अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत: अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है।

अनमोल गगन मान ने भी पार्टी छोड़ दी थी: खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं।

9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्‌टी, वह नाराज: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्‌टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्‌टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्‌टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं।

AAP ने राज्यसभा से पूछा- सांसदों के आगे से नाम कैसे हटाया

इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन सभी जरूरी आदेश की कॉपी भी मांगी है, जिनके आधार पर AAP का सांसदों के नाम के आगे से नाम हटाया गया है।

27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी, जिससे राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है। BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है।

राघव चड्‌ढा ने कहा- AAP चंद करप्टों की पार्टी कल ही राघव चड्ढा ने खुद सामने आकर पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी। उन्होंने कहा कि 15 साल देने के बाद AAP अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो चुका है, जहां काम करने और बोलने तक की आजादी नहीं है। उनके मुताबिक, यह फैसला अकेले का नहीं, बल्कि 7 सांसदों का सामूहिक निर्णय है। AAP अब चंद करप्टों और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों की पार्टी बनकर रह गई है। जो अब देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं।

राघव ने कहा- राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपना करियर बनाने यहां नहीं आया। एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज यह पार्टी वह पुरानी वाली पार्टी नहीं रही।

जानिए, 7 सांसदों के AAP छोड़ने के मामले में अब तक क्या हुआ..
24 अप्रैल- शाम 4 बजे राघव चड्ढा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इसी दिन शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा जॉइन कर ली। हालांकि बाकी 4 सांसद सामने नहीं आए।

25 अप्रैल- सुबह भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए 7 सांसदों पर टिप्पणी की, जिससे सियासी माहौल और गरम हो गया। उन्होंने लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया, ये 7 चीजें मिलकर सब्जियां स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन इनकी सब्जी नहीं बन सकती।

25 अप्रैल- AAP के हरपाल चीमा ने कहा कि सिर्फ 3 सांसद ही BJP में गए हैं और बाकी के साइन फर्जी हैं। 7 मेंबर एक साथ जाने चाहिए थे, तब कानून से बच सकते थे। इनके पास 18 महीने का ही टाइम बचा है।

25 अप्रैल- CM भगवंत मान ने 7 AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का टाइम मांगा। पंजाब सीएम ऑफिस से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक सीएम मान पंजाब के सभी विधायकों को लेकर दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। वह पार्टी बदलने वाले 7 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे और इस पर अपना पक्ष रखेंगे। इसके अलावा AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उपराष्ट्रपति से मिलने की बात कही थी।

25 अप्रैल- एक न्यूज चैनल ने सोर्सेज के हवाले से दावा किया कि पार्टी छोड़ने से पहले 3 सांसद AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिले थे। इनमें अशोक मित्तल 19 अप्रैल, विक्रमजीत साहनी 22 अप्रैल और संदीप पाठक ने 23 अप्रैल को ही केजरीवाल से मुलाकात की थी। मित्तल ने तो 23 अप्रैल को केजरीवाल से बात भी की थी।

25 अप्रैल- AAP छोड़ने वाले 7 में से 3 राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह भज्जी, राजिंदर गुप्ता और LPU के संस्थापक अशोक मित्तल के खिलाफ AAP के वर्करों ने प्रदर्शन किया। जालंधर में भज्जी और लुधियाना में ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक राजिंदर गुप्ता के घर के बाहर गद्दार लिख दिया। फगवाड़ा में सांसद अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी LPU के गेट पर भी ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया गया।

26 अप्रैल- AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने दावा किया कि AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांगा था। मेरा मन भी बन गया था लेकिन फिर सलाहकारों ने रोक दिया। साहनी ने कहा कि पंजाब इस वक्त ICU में है। उसे बचाने के लिए स्ट्रॉन्ग सेंट्रल सपोर्ट या केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत है।

26 अप्रैल- AAP न छोड़ने वाले सांसद संत सीचेवाल ने कहा कि राघव चड्‌ढा ने आजाद ग्रुप बनाने की बात कहकर मुझे 16, 17 और 18 अप्रैल को चाय पर बुलाया था लेकिन मैं वहां नहीं गया। मैंने उन्हें किसी तरह का आजाद ग्रुप बनाने या उसमें शामिल होने से मना कर दिया।

26 अप्रैल- AAP ने रविवार को सभापति से सातों सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। संजय सिंह ने भी लेटर लिखकर उन्हें दलबदल कानून के उल्लंघन का दोषी बताते हुए अयोग्य घोषित करने की अपील की।

26 अप्रैल- AAP छोड़ने वाले तीसरे सांसद अशोक मित्तल को केंद्र सरकार ने Y सिक्योरिटी दी। इससे पहले इसी दिन पंजाब की AAP सरकार ने पूर्व क्रिकेटर व सांसद हरभजन सिंह भज्जी की Y कैटेगरी सिक्योरिटी हटा ली थी। इसके तुरंत बाद ही केंद्र सरकार ने भज्जी को CRPF की सिक्योरिटी दे दी। उनके घर के बाहर ये जवान तैनात कर दिए गए। इससे पहले राघव चड्‌ढा की Z+ सिक्योरिटी हटने पर केंद्र से सिक्योरिटी मिल गई थी।

26 अप्रैल- राज्यसभा सांसद और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल के खिलाफ लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में प्रदर्शन हुए। जालंधर में हरभजन सिंह के घर के बाहर गद्दारो शर्म करो के नारे लगाए गए। हालांकि, CRPF ने प्रदर्शनकारियों को घर तक पहुंचने नहीं दिया।

27 अप्रैल- AAP छोड़ BJP जॉइन करने के बाद सांसद राघव चड्‌ढा ने पहला वीडियो जारी किया। चड्‌ढा ने कहा कि AAP में टॉक्सिक वर्क एन्वॉयरमेंट हो गया था। काम करने-बोलने से रोका जा रहा था। यह पार्टी अब चंद करप्ट और कॉम्प्रोमाइज लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है। ये पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। मेरे पास 3 ऑप्शन थे, मैंने पार्टी छोड़ना ही उचित समझा।

27 अप्रैल- इसी दिन राज्यसभा ने AAP के 7 सांसदों और BJP के मर्जर को मंजूरी दे दी। अब राघव चड्‌ढा, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह भज्जी, डॉ. संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता को ऑफिशियल तौर पर BJP के सांसद बन गए हैं। अब राज्यसभा में भाजपा के 113 सांसद हो गए हैं।

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