UPSC Prelims में अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा! तपती जमीन पर नंगे पैर पहुंचे एग्जाम सेंटर

Editor
4 Min Read

ग्वालियर.

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 रविवार को ग्वालियर शहर के 21 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई। अभ्यर्थियों की थ्री लेयर चेकिंग के बाद प्रवेश दिया गया। जूते पहनकर परीक्षा देने पहुंचे कई छात्रों को रोका गया और बाहर ही उतरवाए गए।

ऐसे में वे 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से तपती जमीन में नंगे पैर कक्ष तक पहुंचे। समय से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश बंद कर दिया गया था। छात्र एवं छात्राओं के अनुसार पेपर में लेंदी प्रश्न पूछे गए थे, जिस कारण से टाइम मैनेजमेंट में कमी आई। ओवरऑल छात्रों का पहला पेपर माडरेट रहा।

परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी गर्मी से रहे बेहाल
प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, जिसका पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक कम्प्लीट हो चुका है। इस दौरान छात्राें को गर्मी ने भी बहुत परेशान किया। परीक्षा कक्ष में लगे पंखे भी जवाब दे गए। कुछ संस्थानों में पसीने से तर बरत होकर विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। अब दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगा। सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पहले पेपर से दुखी छात्र दूसरे पेपर की तैयारी के लिए सड़क किनारे पेड़ की छांव में करते नजर आए।

इन केंद्रों पर हुई परीक्षा
वीआरजी कालेज, एमएलबी कालेज, साइंस कालेज, बीएड कालेज, केआरजी कालेज, पद्मा स्कूल, गजराराजा स्कूल, गवर्नमेंट एसएस स्कूल टकसाल, पावनबीसी स्कूल, कालपी ब्रिज स्कूल, पालीटेक्निक कालेज, गोरखी स्कूल, गवर्नमेंट कन्या विद्यालय शिंदे की छावनी, गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल मामा का बाजार, गवर्नमेंट हिंदी विद्यापीठ, एमएलबी स्कूल मुरार, उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक, जीवाजी राव स्कूल, महाराजा मानसिंह कालेज।

छात्रों ने कहा…
बदले पैटर्न से हुई परेशानी: पेपर का इस बार पैटर्न बदला हुआ था, जो कि टफ था। सवाल लेंदी थे, जिन्हें समझने में दिक्कत आई। समय प्रबंधन की कमी रही, जिस कारण से कुछ प्रश्न छूट गए।
-दुष्यंत कुमार, महोबा

चौथी बार कर रही प्रयास: मैंने चौथा अटेम्प्ट दिया है। इस बार का पेपर मुझे टफ लगा। मैं पहले तीन बार मेंस तक पहुंच चुकी हूं, लेकिन साक्षात्कार में नहीं हो सका। इस बार सिलेक्शन के लिए प्रयासरत हूं।
– निधि बरैया, सिथौली

यह मेरा पहला अटेम्प्ट है: मुझे पेपर माडरेट लगा। सवालों को घुमाकर पूछा गया था, जिससे कई सवाल छूट गए। यह मेरा पहला अटेम्प्ट है, इसलिए मुझे ज्यादा चिंता नहीं है। अागे और अच्छा करूंगा।
– सचिन द्विवेदी, मुरार

पुलिस में हूं, सपना आइएएस बनना: मैं पुलिस में हूं, शिवपुरी में सेवाए दे रहा हूं। मैं अपने सीनियर्स से बहुत प्रभावित हूं। उनकी तरह ही मैं आइएएस, आइपीएस बनना चाहता हूं, इसलिए नौकरी के साथ तैयारी कर रहा हूं।
– आदित्य तिवारी, दतिया

गर्मी से परेशान हुए: परीक्षा के खौफ के साथ ही गर्मी ने बहुत परेशान किया। कक्ष में पंखों की स्थिति सही नहीं थी। इसलिए एक तरफ पसीना पोछते रहे और दूसरी तरफ प्रश्न पत्र हल करते रहे।
– ललित सूर्यवंशी, ग्वालियर

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live