भोपाल
स्वतंत्रता दिवस के पूर्व नरेला विधानसभा के नरेला विधानसभा के करोंद एवं प्रभात चौराहे पर राष्ट्रभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलास सारंग के नेतृत्व में हजारों युवाओं ने भव्य तिरंगा यात्रा में सहभागिता की। हाथों में शान से लहराता तिरंगा, देशभक्ति के गीत और भारत माता के जयघोष से पूरा नरेला राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
मंत्री सारंग स्वयं युवाओं के साथ पैदल तिरंगा यात्रा में शामिल हुए और युवाओं को राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति तथा राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। यात्रा में युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। देशभक्ति के गीतों के साथ कदम से कदम मिलाते युवाओं ने एकता, अखंडता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
मंत्री सारंग ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश के गौरव, बलिदान और एकता का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। देश का युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।
विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों के घर पहुंचे मंत्री सारंग
विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर मंत्री सारंग ने देश के विभाजन की त्रासदी झेलकर विस्थापित हुए परिवारों से उनके निवास पर पहुंचकर मुलाकात की। उन्होंने बुराला गांव, सेखुपुरा डिस्ट्रिक्ट, वेस्ट पंजाब से विस्थापित हुए बाल मोहन अरोरा से उनके निवास लाला लाजपत राय सोसाइटी, भोपाल पहुंचकर भेंट की और विभाजन के समय की उनकी स्मृतियों एवं अनुभवों को आत्मीयता से सुना।
मंत्री सारंग ने मोहनलाल श्यामलाल राजदेव जी के निवास पर पहुंचकर उनसे भी मुलाकात की और विभाजन के दौर की उनकी स्मृतियों को जाना।
विभाजन विभीषिका की स्मृति में आयोजित मौन पदयात्रा
मंत्री सारंग ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर नरेला विधानसभा अंतर्गत प्रभात चौराहे में आयोजित मौन पदयात्रा में सम्मिलित हुए। मंत्री सारंग ने इस अवसर पर विभाजन त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर त्रासदी की पीड़ा झेलने वाले विस्थापित परिवारों को याद कर नमन किया। मंत्री सारंग ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस हमें उस दर्दनाक इतिहास को स्मरण करने का अवसर देता है, जिसमें लाखों लोगों को अपना घर, जमीन और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा सहनी पड़ी। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विस्थापित परिवारों ने अपने साहस, संघर्ष और मेहनत से नए जीवन की नींव रखी और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मंत्री सारंग ने कहा कि विभाजन की पीड़ा हमें यह संदेश देती है कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता सर्वोपरि है। इतिहास की इन स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और राष्ट्र की एकता को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
एक ओर नरेला की सड़कों पर हजारों युवाओं के हाथों में लहराता तिरंगा देश के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दे रहा था, वहीं दूसरी ओर विभाजन की पीड़ा झेल चुके परिवारों से मुलाकात ने स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके पीछे छिपे दर्द की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।

